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High Court News: हाई कोर्ट का फैसला: किसी महिला को देखकर 'गली में आज चांद निकला' कहना या लिखना, अश्लील या सेक्चुअल हैरेसमेंट नहीं: हाई कोर्ट ने FIR किया रद्द...

High Court News: पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम की रहने वाली सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ हाउसिंग सोसाइटी ग्रुप में किए गए WhatsApp कमेंट को लेकर पुलिस द्वारा याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है, किसी महिला को देखकर गली में आज चांद निकला कहना या लिखना अश्लील या सैक्चुअल हैरेसममेंट नहीं है।

High Court News: हाई कोर्ट का फैसला: किसी महिला को देखकर गली में आज चांद निकला कहना या लिखना, अश्लील या सेक्चुअल हैरेसमेंट नहीं: हाई कोर्ट ने FIR किया रद्द...
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By Radhakishan Sharma

High Court News: चंडीगढ़। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम की रहने वाली सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ हाउसिंग सोसाइटी ग्रुप में किए गए WhatsApp कमेंट को लेकर पुलिस द्वारा याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है, किसी महिला को देखकर गली में आज चांद निकला कहना या लिखना अश्लील या सैक्चुअल हैरेसममेंट नहीं है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, हालांकि यह कमेंट अच्छे टेस्ट में नहीं" है, लेकिन इंडियन पैनल कोड IPC के तहत अश्लीलता, सेक्चुअल हैरेसमेंट या शर्मिंदगी का अपमान नहीं है। वाट्सएप ग्रुप में याचिकाकर्ता ने कमेंट किया था, "जाने कितने दिनों के बाद सोसाइटी में आज चांद निकला।

मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा, IPC की धारा 294 के तहत दोषी ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द ऐसे होने चाहिए, जो उस व्यक्ति के मन में गलत यौन विचार पैदा कर सके, जिसने उसे सुना या देखा हो, जिससे उसे परेशानी हो। याचिकाकर्ता का पोस्ट किया गया मैसेज उस कैटेगरी में नहीं आता। कोर्ट ने यह भी कहा, हालांकि इस्तेमाल किए गए शब्द अच्छे नहीं हैं और मज़ाक में इस्तेमाल किए गए लगते हैं, लेकिन वे IPC की धारा 294 के तहत अश्लीलता की परिभाषा को पूरा नहीं करते हैं। BNSS की धारा 528 के तहत एक याचिका को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने गुरुग्राम कसेक्टर 10 पुलिस स्टेशन में IPC की धाराओं 120-B, 294, 354-A और 509 के तहत याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR और आगे की कार्रवाई को रद्द कर दी है।

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता गुरुग्राम के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं, सेक्टर 93 के स्पेज प्रिवी की रहने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाउसिंग सोसाइटी के कुछ सदस्य “प्रिवी कल्चरल ग्रुप” नाम के एक WhatsApp ग्रुप का चलाते हैं। एक साथी रेजिडेंट ने ग्रुप में उसकी प्रोफ़ाइल फ़ोटो पोस्ट की। याचिकाकर्ता धीरज गुप्ता ने कथित तौर पर कमेंट किया, “जाने कितने दिनों के बाद सोसाइटी में अब चांद निकला। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया कि यह कमेंट भद्दा है और इसका मकसद उसे शर्मिंदा करना, बेइज्जत करना और उसकी इज्ज़त का अपमान करना है। शिकायतकर्ता ने कहा, वाट्सएप ग्रुप के दूसरे मेंबर्स ने मैसेज और इमोजी के साथ कमेंट का सपोर्ट किया। इस घटना ने उसकी प्रतिष्ठा पर बुरा असर पड़ा है और उसे मानसिक परेशानी हुई। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन RW) चुनाव से हटने के लिए उस पर दबाव डालने की एक बड़ी साज़िश का भी आरोप लगाया।

याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR को कोर्ट ने किया रद्द

याचिकाकर्ता ने कहा कि आरोप मनगढ़ंत हैं और व्यक्तिगत बदले की भावना से प्रेरित है। यह कमेंट शिकायतकर्ता पर व्यक्तिगत नहीं है। याचिका के अनुसार शिकायतकर्ता WhatsApp ग्रुप का मेंबर भी नहीं है। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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