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धुरंधर-2 स्टाइल में जासूसी! पंचर दुकान की आड़ में चल रहा था जासूसी नेटवर्क, स्टेशनों पर कैमरे लगाकर सीधे पाकिस्तान भेज रहे थे LIVE डेटा

Delhi Pakistan Espionage Case: पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो बिल्कुल फिल्म धुरंधर 2 की कहानी जैसा हाईटेक और चौकाने वाला है।

Delhi Pakistan Espionage Case
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फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

By Chitrsen Sahu

गाजियाबाद 24 मार्च 2026, दिल्ली से लगे गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है, जो बिल्कुल फिल्म धुरंधर 2 की कहानी जैसा हाईटेक और चौकाने वाला है। मामले में फरीदाबाद से पाकिस्तानी जासूस नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया है। नौशाद पंचर दुकान की आड़ में रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप ग्रुप के जरीए पाकिस्तान भेजता था।

पंचर दुकान कैसे बनी ढाल ?

दरअसल, फरीदाबाद के नचौली गांव के एक पेट्रोल पंप पर नौशाद अली उर्फ लालू पिछले 3 महीनों से पंचर की दुकान चला रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि यह दुकान तो सिर्फ ढाल थी और असल काम तो संवेदलशील जगहों की जासूसी थी। बताया जा रहा है कि नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है और उसे कोलकाता से बुलाकर फरीदाबाद में सेट किया गया था।

कौन है मास्टरमाइंड ?

इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सुहेल है, जो अब तक इस नेटवर्क में 22 लोगों को जोड़ चुका है। वहीं पुलिस ने इस मामले में नौशाद अली उर्फ लालू और मथुरा की एक महिला के साथ नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। इससे साफ पता चलता है कि यह नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में फैला है।

जांच में क्या सामने आया ?

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाते थे, जिन्हें वो व्हाट्सप्प ग्रुप के जरीए पाकिस्तान भेजा करते थे। बताया जा रहा है कि उन्हें हर फोटो के बदले में 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे।

कहां पहुंच रही थी कैमरों की लाइव स्ट्रीमींग ?

जांच में जो चौकाने वाला खुलासा हुआ है वह किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर गुप्त कैमरे लगा रखे थे। इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमींग सीधे पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुंच रही थी या तो यूं कहा जाए कि वहां से रियल टाइम में भारत के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही थी।

क्या थी आगे की प्लानिंग ?

जांच और पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने की प्लानिंग कर रहे थे। कुछ कैमरे पहले ही लगा दिए गए थे। दिल्ली और सोनीपत से बरामद कैमरों को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।


Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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