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विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया गजब जवाब, 6 साल पहले BEO ने किया फर्जीवाड़ा, जांच में दोषी भी मिले, कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई....

School Education News: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में तैनात अफसर और सिस्टम जो ना करे कम ही नहीं है। छत्तीसगढ़ के बसना में पदस्थ एक बीईओ ने आज से तकरीबन छह साल फर्जीवाड़ा किया, गबन के मामले में दोषी पाए गए थे। दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अभयदान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधायक के सवाल पर कुछ इसी तरह का लिखित जवाब दिया है।

विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया गजब जवाब, 6 साल पहले BEO ने किया फर्जीवाड़ा, जांच में दोषी भी मिले, कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई....
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर। 18 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में तैनात अफसर और सिस्टम जो ना करे कम ही नहीं है। छत्तीसगढ़ के बसना में पदस्थ एक बीईओ ने आज से तकरीबन छह साल फर्जीवाड़ा किया, गबन के मामले में दोषी पाए गए थे। दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अभयदान दिया जा रहा है। गजब ये बीते छह साल से बीईओ के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधायक के सवाल पर कुछ इसी तरह का लिखित जवाब दिया है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना के द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता की जांच और कार्रवाई को लेकर विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से कुछ इस तरह के सवाल पूछे थे। विधायक ने लिखित प्रश्न में पूछा, क्या वित्तीय वर्ष 2018-19 में कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता, गबन की जांच कराई गई थी, यदि हाँ, तो जांच किस स्तर के, किस अधिकारी द्वारा की गई? जांच में क्या पाया गया, जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश "क" के दोषी अधिकारी व कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई है? अगर नहीं, तो क्यों, कारण सहित बताएं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस तरह दिया जवाब

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने लिखित जवाब में बताया है, जी हां, सहायक संचालक स्तर के अधिकारी अमर दास कुर्रे एवं अरूण कुमार दास के द्वारा जांच कराई गई है। जांच में वित्तीय अभिलेख अपूर्ण तथा कक्ष लिपिक द्वारा प्रभार नहीं दिया जाना पाया गया। जांच प्रतिवेदन संलग्न "प्रपत्र" अनुसार है। (ख) दोषी तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा दोषी कक्ष प्रभारी लिपिक को निलंबित कर विभागीय जांच की कार्यवाही की जा रही है।

व्यावसायिक प्रशिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, तीन महीने बाद भी एफआईआर नहीं

विधायक धरमलाल कौशिक ने व्यावसायिक प्रशिक्षक के पद पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान बरती गई गड़बड़ी और दोषियों के खिलाफ की जा रही जांच और कार्रवाई को कुछ इस तरह सवाल पूछे थे। 17 दिसम्बर, 2025 के उत्तर अनुसार विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक को व्यावसायिक प्रशिक्षक भर्ती प्रक्रिया में प्रकरण दर्ज करने पत्र लिखा गया था? यदि हां तो किस-किस के विरूद्ध, एफआईआर दर्ज कराई गई है? यदि नहीं तो क्यों ? (ख) क्या पुलिस अधीक्षक रायपुर को प्रेषित पत्र में उल्लेख है कि प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के परिप्रेक्ष्य में दोषियों के विरूद्व एफआईआर दर्ज की जावे? यदि हां, ताळे प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन कब, किसके द्वारा, किसकों प्रस्तुत किया गया? क्या-क्या अनियमितता पाई गई व किन-किन संस्था/अधिकारियों को दोषी पाया गया है? (ग) क्या सह सही है कि इन संस्थाओं के 11 व 15 जुलाई, 2025 के कार्य आदेश में शिकायत प्राप्ति पर अनुबंध समाप्ति का उल्लेख है? यदि हाँ तो इन संस्थाओं पर अनुबंध समाप्ति पर क्या कार्यवाही की गई? कब संबंधितों द्वारा उपस्थिति दी गई?

मामले मेे पुलिस कर रही जांच

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने लिखित जवाब में बताया है,17 दिसम्बर, 2025 के उत्तर अनुसार विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक को व्यावसायिक प्रशिक्षक भर्ती प्रक्रिया में प्रकरण दर्ज करने पत्र लिखा गया था। वर्तमान में पुलिस जांच प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हां, पुलिस अधीक्षक रायपुर को प्रेषित पत्र में उल्लेख है कि प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के परिप्रेक्ष्य में दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की जावे। प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन जांच समिति द्वारा प्रबंध संचालक राज्य परियोजना कार्यालय को प्रस्तुत किया गया। प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन में भर्ती प्रक्रिया में तृतीय पक्षों द्वारा लेन देन की शिकायत पाये जाने के कारण विवेचना का विषय होना पाया गया। वर्तमान में पुलिस जांच प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हां, किन्तु वर्तमान में पुलिस द्वारा जांच प्रक्रियाधीन है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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