वजन घटाने की जेनेरिक दवाओं पर सरकार की नजर तेज, आप भी खाते हों तो जान लें यह बात
Health Tips: मार्च में भारत में कई दवा कंपनियों ने वजन घटाने वाली दवा यानी जीएलपी 1 की श्रेणी की जेनेरिक दवाओं का उत्पादन बढ़ा दिया है। इसकी मांग देश में अधिक होने के अंदेशे में भारत सरकार के औषधि नियंत्रक ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है।

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रायपुर। 24 मार्च 2026| देश की बड़ी आबादी मोटापे का शिकार है। इसका फायदा उठा कर इसी महीने कई कंपनियों ने जेनेरिक दवाओं का वेरिएंट जारी कर दिया है। केंद्र सरकार को अंदेशा है कि इसका बेतहाशा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे देखेते हुए औषधि नियंत्रक ने इन दवाओं की गैरकानूनी बिक्री केसाथ गलत तरीके से प्रचार के तरीकों पर निगरानी बढ़ा दी है। ऐसी दवाएं खुदरा फार्मेसी के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और क्लीनिकों के जरिए उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र सरकार ने इस बात के लिए लोगों को चेताया है कि बिना उचित चिकितसा परामर्श या पर्यवेक्षण के इन दवाओं को खाने से शरीर पर गंभीर किस्म के दुष्प्रभाव पैदा हो सकते हैं, यह जान के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
इसे देखते हुए भारत के औषधि नियंत्रक ने स्वत: संज्ञान लिया है और इस तरह की दवाओं की अवैध बिक्री और इस्तेमाल को रोकने के लिए राज्यों के नियामकों को भी निर्देश दिया है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने 10 मार्च 2026 को सभी दवा निर्माताओं और कंपनियों को एक सलाह दी है किे वे किसी तरह का भ्रामक विज्ञापन न करें, जिससे जनता गुमराह होकर दवा का उपयाेग करने लगे। औषधि नियंत्रक की निगरानी में ऑनलाइन फार्मेसी गोदामों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं के अलावा वजन घटाने का दावा करने वाले क्लीनिकों सहित 40 संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से कुछ काे नोटिस देकर जवाब भी मांगा गया है। औषधि नियंत्रक ने इस बात पर जोर दिया है कि जनता केवल डॉक्टरी परामर्श से ही ऐसी दवाओं का उपयोग करें, अन्यथा उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मेडिसिन विशेषज्ञ देते हैं सीमित उपयोग का परामर्श
यहां यह बताना बहुत आवश्यक है कि देशभर में ऐसी दवा को एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के निर्देश पर मंजूरी मिलती है और इसका उपयोग कुछ मामलों में केवल कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा ही किया जा सकता है। औषधि नियंत्रक ने चेतावनी दी है कि गैरकानूनी तरीके से इसका उपयोग करने पर संबंधित विक्रेताओं या परामर्श देने वालों पर जुर्माना के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
दुष्प्रभाव के शुरुआती लक्षण
यदि बिना डॉक्टरी परामर्श के दवा खायी जाती है तो उसके प्रारंभिक लक्षण शुरू में ही दिख जाते हैं। इसें उल्टी, पेट फूलना, थकान, सिर दर्द शामिल हैं। दुष्प्रभाव गंभीर होने की हालत में पेट में लगातार दर्द होगा, पित्त की पथरी होगी, शरीर पर चकते उभर सकते हैं और सांस लेने में कठिनाई होगी। बाद में यह किडनी को प्रभावित कर सकता है, इसके अलावा शरीर की मांसपेशियां कमजोर होकर ढीली हो जाती है। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।
