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रेलवे में AI तकनीक: भिलाई के पी.पी. यार्ड में एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की कमीशनिंग, पढ़िए कैसे करेगा काम

SECR News: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे SECR में AI तकनीक की धमक दिखाई देने लगी है. भिलाई के पी.पी. यार्ड में एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की कमीशनिंग की गई है.

रेलवे में AI तकनीक: भिलाई के पी.पी. यार्ड में एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की कमीशनिंग, पढ़िए कैसे करेगा काम
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर.15 मार्च 2026| दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे SECR में AI तकनीक की धमक दिखाई देने लगी है. भिलाई के पी.पी. यार्ड में एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की कमीशनिंग की गई है.

रेल परिचालन को और अधिक संरक्षित, कुशल एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भिलाई स्थित पी.पी. यार्ड में एआई Aritficial Intelleigent आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की कमीशनिंग की है।

अत्याधुनिक प्रणाली का उद्देश्य यार्ड परीक्षण के लिए आने वाली मालगाड़ियों के वैगनों में होने वाली भौतिक क्षतियों की शीघ्र एवं सटीक पहचान करना है, जिससे मरम्मत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा रेल संरक्षा को सुदृढ़ किया जा सके।

पढ़िए कैसे करेगा काम?

एआई आधारित प्रणाली मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के माध्यम से वैगनों में होने वाली विभिन्न प्रकार की भौतिक क्षतियों की पहचान करती है। इसके अंतर्गत वैगनों में डोर की कमी, क्षतिग्रस्त दरवाजे, अवशिष्ट माल (रेजिडुअल कंसाइनमेंट), फर्श की शीट का अभाव, बॉडी पैनल की कमी आदि जैसे दोषों का स्वतः पता लगाया जा सकता है। किसी भी रेक के यार्ड में प्रवेश करने और सिस्टम से गुजरने के पश्चात यह प्रणाली स्वचालित रूप से प्रत्येक वैगन नंबर के साथ चिन्हित दोषों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर देती है।

वैगन पर AI ऐसे रखेगा नजर

इस प्रणाली में उच्च गुणवत्ता वाले हाई-डेफिनिशन मशीन विज़न कैमरों (06 इकाइयाँ), विशेष प्रकाश स्रोत तथा एक समर्पित सर्वर रूम की व्यवस्था की गई है। कैमरों द्वारा प्राप्त चित्रों एवं संकेतों को सर्वर पर प्रोसेस कर विश्लेषण किया जाता है, जिसके आधार पर प्रत्येक वैगन की स्थिति का विस्तृत एवं सटीक रिपोर्ट तैयार किया जाता है।

सेल्फ-लर्निंग, एआई तकनीक पर आधारित सिस्टम

एआई आधारित यह प्रणाली यार्ड में पारंपरिक निरीक्षण प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले ही वैगनों में संभावित क्षतियों का अवलोकन उपलब्ध कराती है। इससे यार्ड परीक्षण के दौरान दोषों की पहचान, मरम्मत की योजना बनाने तथा आवश्यक सुधार कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने में सहायता मिलती है। यह प्रणाली स्व-अध्ययन (सेल्फ-लर्निंग) एआई तकनीक पर आधारित है, जिसके कारण समय के साथ इसकी कार्यक्षमता और सटीकता में निरंतर वृद्धि होती रहती है तथा सिस्टम द्वारा संकलित डाटा का विश्लेषण कर यह स्वयं को और अधिक सक्षम बनाता है।

ये फायदे भी होंगे

एआई आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम के ज़रिए मालगाड़ियों के वैगनों में होने वाली क्षतियों की पहचान अधिक तेजी और सटीकता के साथ की जा सकेगी तथा यार्ड निरीक्षण और मरम्मत कार्य को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे न केवल रेल संरक्षा सुदृढ़ होगी बल्कि माल परिवहन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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