ये भी कमाल! निर्माण पूरा होने से पहले ही मूल्यांकन रिपोर्ट पेश, सबइंजीनियर सस्पेंड
CG News: स्वीकृत सरकारी निर्माण कार्य को पूरा करने से पहले ही ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के उप अभियंता ने पूर्ण बता कर बाकायदा मूल्यांकन रिपोर्ट पेश कर दिया। शिकायत की जांच की गई, तब जांच के बीच इसे पूरा किया गया। आखिरकार जिम्मेदार उप अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई।

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सक्ती। 13 मार्च 2026| जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीन गांवों में सीसी रोड मंजूर किया गया था। काम पूरा होते- होते ही शिकायत की फेहरिस्त आ गई। ऐसे में इसकी जांच की गई। रिपोर्ट आने के बाद जिला पंचायत सीईओ वासु जैन द्वारा निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में अनियमितता पाए जाने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा को निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग जैजैपुर द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के मूल्यांकन की जांच के संबंध में पत्राचार किया गया था। इस संबंध में प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विकास आयुक्त कार्यालय के माध्यम से सीसी रोड निर्माण कार्य पटेल गौटिया के घर से महमाया चौक की ओर, ग्राम पंचायत खजुरानी सहित अन्य निर्माण कार्यों की जांच के लिए प्रकरण प्राप्त हुआ था। शिकायत आने पर कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सक्ती द्वारा जांच दल का गठन किया गया। जांच प्रतिवेदन के अनुसार उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा द्वारा सीसी रोड निर्माण कार्य राजू पेटर के घर से बोरेई नदी की ओर ग्राम बरेकेलखुर्द, ग्राम पंचायत पिसौद, सीसी रोड निर्माण कार्य पटेल गौटिया के घर से महमाया चौक की ओर ग्राम पंचायत खजुरानी, शासकीय प्राथमिक शाला रीवाडीह में शौचालय निर्माण कार्य, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रीवाडीह में शौचालय निर्माण कार्य तथा सीसी रोड निर्माण सुमित्रा के घर से आगे की ओर ग्राम पंचायत पिसौद (कुल 05 कार्य) का बिना कार्य पूर्ण हुए ही मूल्यांकन प्रस्तुत कर दिया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा उक्त कार्यों को पूर्ण कराया गया।
बचाव में कहा-सरपंच को हानि से बचाया
जांच में पाया गया कि उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत, अनुशासनहीनता तथा स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। इस संबंध में धनंजय सिंह चन्द्रा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। उन्होंने 12 मार्च 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वास्तविक स्वीकृत माप दर्ज कर ढलाई कराने से सरपंच को होने वाली हानि से बचाया गया, जो कि विधिसम्मत नहीं पाया गया। प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने तथा जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत धनंजय सिंह चन्द्रा, उप अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जनपद पंचायत जैजैपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सक्ती निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
