भंडाफोड: चल रहा था अवैध लकड़ी का कारोबार, दस्तावेज मांगने पर सिट्टी पिट्टी गुम, ये हुई कार्रवाई
रायगढ़ जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच कर कुसमुरा के उमाशंकर सॉ मिल को किया गया सील कर दिया गया।

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रायगढ़। 14 मार्च 2026|जिले में अवैध लकड़ी मिल का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर बार की जांच में कहीं न कहीं पर अवैध लकड़ी मिल का भंडाफोड़ हो रहा है। वन विभाग का दावा है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसका असर लकड़ी कारोबारियों पर नहीं दिख रहा है।
अवैध लकड़ी मिल की जानकारी होने पर विभाग ने जांच दल का गठन किया था। वनमंडलाधिकारी रायगढ़ के निर्देश पर उपवनमंडलाधिकारी रायगढ़ के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने ग्राम कुसमुरा स्थित उमाशंकर सॉ मिल पर छापामार कार्रवाई की गई। छापे के दौरान सॉ मिल संचालित अवस्था में पाई गई तथा परिसर में बड़ी मात्रा में काष्ठ (लकड़ी) भी पाया गया। टीम द्वारा सॉ मिल संचालक से सॉ मिल का लाइसेंस, वनोपज से संबंधित दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, निवर्तन रजिस्टर एवं आवक रजिस्टर प्रस्तुत करने को कहा गया, किंतु संचालक द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
अधिनियम का उल्लंघन
जांच के दौरान सॉ मिल संचालक द्वारा काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 की धारा 4, 7, 9 एवं 10 का उल्लंघन पाया गया। इस पर वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सॉ मिल को सील कर दिया और आगे की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि अवैध सॉ मिल संचालन एवं वनोपज से संबंधित नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस जांच दल में तनमय कौशिक (प्रशिक्षु भा.व.स.), परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा, उड़नदस्ता प्रभारी रोशन सिदार, राजेश तिवारी, संदीप नामदेव, स्वर्णलता लकड़ा (उपवनक्षेत्राधिकारी), वनपाल रजनी टोप्पो, टीकाराम सिदार एवं शुकलाल खडि़या शामिल थे।
