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मिशन स्कूल के फादर को हाई कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, दो आरोपियों को सात साल की कैद...

Bilaspur High Court: कोरिया जिले के ज्योति मिशन स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्कूल के फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Bilaspur High Court
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फोटो सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।25 फरवरी 2026|कोरिया जिले के ज्योति मिशन स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्कूल के फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना को छिपाने वाली दो महिला स्टाफ को 7-7 साल कारावास की सजा दी है। डिवीजन बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है। डिवीजन बेंच ने तीनों दोषियों को दाे सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया है।

क्या है मामला

कोरिया के सरभोका स्थित ज्योति मिशन स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली चौथी की 9 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ 9 सितंबर 2015 को दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता ने बताया कि वह रात को बाथरूम गई थी, जहां नशीला पाउडर छिड़का हुआ था, जिससे उसे चक्कर आने लगे। इसके बाद जब वह अपने कमरे में सो रही थी, तब आरोपी ने दुष्कर्म किया। सुबह इसकी शिकायत स्कूल की सिस्टर फिलोमिना और किसमरिया से की, तो उन्होंने मदद करने के बजाय छड़ी से पिटाई कर दी और घटना के संबंध में किसी को न बताने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले को राज्य शासन ने दी थी चुनौती

मामले की सुनवाई के बाद 9 जनवरी 2017 को बैकुंठपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण ठहराया है। कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता के ठोस बयानों और मेडिकल साक्ष्यों को तकनीकी आधार पर खारिज कर गलत फैसला सुनाया था।

हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में डॉ. कलावती पटेल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों पर गंभीर चोटों और सूजन की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों पर मानव शुक्राणु पाए गए थे, जो अपराध की पुष्टि करते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार पीड़िता की गवाही अपने आप में पूर्ण है और उसे किसी अन्य स्वतंत्र गवाह के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है।

दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में करना होगा सरेंडर

मुख्य आरोपी फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को आईपीसी की धारा 376 (2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। फिलोमिना केरकेट्टा और किसमरिया को अपराध छिपाने और पीड़िता मदद न करने के लिए आईपीसी की धारा 119 के तहत 7-7 साल के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। हाई कोर्ट ने तीनों दोषियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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