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High Court News: प्राचार्य प्रमोशन पर हाईकोर्ट सख्त, जवाब दाखिल करने याचिकाकर्ताओं को फिर मिली मोहलत, कल भी जारी रहेगी सुनवाई

प्राचार्य पदोन्नति को लेकर दायर याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई हो रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने जवाब पेश करने डिवीजन बेंच से समय मांग लिया था। लिहाजा मामला बुधवार को डिवीजन बेंच के समक्ष लगा। अधिवक्ताओं ने एक बार फिर डिवीजन बेंच से जवाब पेश करने के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने एक दिन की मोहलत और दे दी है। लिहाजा कल भी डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई होगी।

फाइल फोटो
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Bilaspur Highcourt: 

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। प्राचार्य पदोन्नति में बीएड डिग्रीधारी लेक्चरर्स को ही प्रमोशन देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता शिक्षकों के अधिवक्ताओं से जवाब पेश करने के लिए एक दिन की समय और मांग लिया। कल भी मामले की सुनवाई होगी। प्राचार्य पदोन्नति को लेकर दायर याचिका पर समर वेकेशन से पहले सुनवाई हुई थी। तब डिवीजन बेंच ने 9 जून तक सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी थी। 9 जून को सुनवाई की तिथि भी कोर्ट ने तय कर दी थी। नियत तिथि में डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने जवाब पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांग लिया।

समर वेकेशन से पहले सुनवाई में यह हुआ था-

सुनवाई के दौरान राज्य शासन और स्कूल शिक्षा विभाग नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि आदेश के बाद भी शिक्षकों को प्राचार्य पद पर ज्वाइन कराया गया। नाराज कोर्ट ने तब कहा था कि यह न्यायालयीन अवमानना का मामला बनता है। आगामी आदेश तक सभी ज्वाइनिंग को भी हाईकोर्ट ने अमान्य कर दिया था। प्राचार्य प्रमोशन को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगी है। एक मामला 2019 से जुड़ा हुआ है, जबकि दूसरा प्रकरण 2025 और बीएड-डीएलएड से जुड़ा है। 28 मार्च 2025 को जब हाई कोर्ट की पिछली सुनवाई हुई थी, तो राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वस्त किया गया था कि अगली सुनवाई तक प्राचार्य प्रमोशन का आदेश जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट का आश्वस्त करने के बाद भी 30 अप्रैल को प्रमोशन लिस्ट जारी कर दी गई। अगले दिन एक मई को हाई कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

इसलिए हाई कोर्ट ने जताई थी नाराजगी-

सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने ज्वाइनिंग का मुद्दा भी उठाया था। कोर्ट ने लेक्चरर से प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति पर 7 मई तक रोक लगा दी थी। इसके बाद भी कई जिलों में ज्वाइनिंग करा दी गई। बताया गया कि प्राचार्यों के प्रमोशन आदेश में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया था कि यह पदोन्नति हाई कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। इसके बाद भी कई जगहों पर प्राचार्य पद पर ज्वाईनिंग देकर पावती ले ली गई। इसमें डीईओ और व्याख्याताओं के मिलीभगत की बात भी उठाई गई। ऐसे शिक्षकों की निलंबन की मांग भी की गई। ज्ञात हो कि 30 अप्रैल को ही प्राचार्य प्रमोशन की सूची जारी की गई थी। इसके तहत छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के ई संवर्ग के 1524 एवं टी संवर्ग के 1401 कुल 2925 प्राचार्य के पदों पर स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के व्याख्याता नियमित,व्याख्याता एल बी तथा प्रधान पाठक माध्यमिक विद्यालय को पदोन्नति प्रदान कर प्राचार्य बनाया था।

ये हैं याचिकाकर्ता शिक्षक-

पी गलिक राव, लक्ष्मी प्रसाद रबेठ,दूज राम खरे, संजय कुमार वखारिया,रुपनारायण कुशवाहा, अनुराग त्रिवेदी, अखिलेश त्रिपाठी, आनंद प्रसाद साहू,कोमल प्रसाद साहू, पुरुषोत्तम सिंह यदु।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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