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नक्सली समर्थक की याचिका खारिज: स्पेशल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट ने ठहराया सही, NIA ने जांच के लिए मांगा था 90 दिन का समय

Bilaspur High Court: NIA सपेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने नक्सली समर्थक की याचिका को खारिज कर दिया है। एनआईए ने स्पेशल कोर्ट के समक्ष जांच के लिए 90 दिन की मोहलत मांगी थी,जिसे स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार किया है।

नक्सली समर्थक की याचिका खारिज: स्पेशल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट ने ठहराया सही, NIA ने जांच के लिए मांगा था 90 दिन का समय
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इमेज सोर्स-  गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर 05 मार्च 2026, NIA सपेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने नक्सली समर्थक की याचिका को खारिज कर दिया है। एनआईए ने स्पेशल कोर्ट के समक्ष जांच के लिए 90 दिन की मोहलत मांगी थी,जिसे स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार किया है।

याचिकाकर्ता रमेश मंडावी पुत्र राजमन मंडावी के खिलाफ प्रतिबंधित नक्सली संगठन के साथ संलिप्तता और गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े रहने और देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि को बढ़ावा देने का आरोप है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन आमाबेड़ा, जिला कांकेर में एफआईआर दर्ज है। जेल में बंद याचिकाकर्ता ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण को एनआईए को सौंप दिया है। जांच के लिए 90 दिन का समय तय गया था। यह अविध 14 अक्टूबर 2025 को खत्म हो गया। डेडलाइन खत्म होने से पहले 7 अक्टूबर 2025 को, शासकीय अधिवक्ता ने एनआईए के स्पेशल कोर्ट के समक्ष आवेदन पेश किया था। शासकीय अधिवक्ता ने जांच पूरी करने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय की मांग की थी। शासकीय अधिवक्ता ने स्पेशल कोर्ट को बताया, इस मामले से जुड़े सह आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित है। राज्य शासन की ओर से गिरफ्तारी के लिए अनुमति नहीं मिली है। मामले की गंभीरता और राज्य की संप्रभुता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पेशल जज ने शासकीय अधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए जांच के लिए 90 दिन की मोहलत दे दी।

इस बीच एनआईएन ने स्पेशल कोर्ट के समक्ष जांच के लिए समय बढ़ाने की मांग करते हुए इसके लिए 90 दिन का और समय मांगा था। स्पेशल कोर्ट ने जांच एजेंसी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए समय दे दी। इसी बीच याचिकाकर्ता ने एनआईए स्पेशल कोर्ट में जमानत के लिए आवदेन पेश किया था। एनआईए कोर्ट ने जमानत आवेदन को खारिज कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने जमानत देने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। एनआईए स्पेशल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए डिवीजन बेंच ने नक्सल समर्थक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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