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CG विधानसभा बजट सत्र 2026: पहले ही सवाल से घिरे रहे मंत्री केदार कश्यप, सवालों के बौछार के बीच नहीं बना जवाब देते...

CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। प्रश्नकाल के शुरुआत से ही मंत्री केदार कश्यप सवालों से घिरे रहे। विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के सवालों में मंत्री केदार कश्यप ऐसे उलझे, जवाब देते नहीं बना। पूरे समय मंत्री सदन में घिरे रहे। आलम ये कि विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप दो बार बर्हिगमन कर दिया। पढ़िए सदन में किस तरह विपक्षी सदस्यों ने मंत्री को अपने सवालों के जरिए उलझाया।

CG विधानसभा बजट सत्र 2026: पहले ही सवाल से घिरे रहे मंत्री केदार कश्यप, सवालों के बौछार के बीच नहीं बना जवाब देते...
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर। 10 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। प्रश्नकाल के शुरुआत से ही मंत्री केदार कश्यप सवालों से घिरे रहे। विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के सवालों में मंत्री केदार कश्यप ऐसे उलझे, जवाब देते नहीं बना। पूरे समय मंत्री सदन में घिरे रहे। आलम ये कि विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप दो बार बर्हिगमन कर दिया।

विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के सवाल और मंत्री के जवाब के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री केदार कश्यप का जमकर घेरा। आलम ये कि पूर्व सीएम के सवालों का मंत्री कश्यप को जवाब देते नहीं बन रहा था।

प्रश्नकाल के शुरुआत से ही हावी रहे विपक्षी सदस्य, पढ़िए विधायक हर्षिता स्वामी ने क्या सवाल किया था?

क्या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा डोंगरगढ़ के प्रस्ताव के आधार पर पंजीयक, सहकारी संस्थायें द्वारा 24 अगस्त 2023 को भवन निर्माण की अनुमति दी गई? यदि हां तो कितनी राशि स्वीकृत की गयी? (ख) क्या इस संबंध में पूर्व विधानसभा प्रश्न के उत्तर में भूमि पर अतिक्रमण होना बताया गया था? यदि हां तो क्या उक्त भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया? यदि नहीं तो कब तक अतिक्रमण मुक्त कराकर भवन निर्माण कराया जावेगा? (ग) क्या वर्तमान में बैंक किराया के भवन में संचालित किया जा रहा है? यदि हां तो मासिक किराया कितना है?

मंत्री केदार कश्यप ने क्या दिया लिखित जवाब?

क, जी हां। राशि रूपये 39.00 लाख की स्वीकृति दी गई। (ख) जी हां, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव द्वारा भूमि उपयुक्त प्रतीत नहीं होने एवं वर्तमान में उक्त भूमि में अतिक्रमण होने के कारण शाखा भवन निर्माण हेतु अन्यत्र भूमि आबंटित करने हेतु कलेक्टर, जिला राजनांदगांव से मांग किया गया है। भूमि आवंढन होने पर भबन निर्माण कार्य कराया जायेगा। (ग) जी हां। मासिक किराया राशि रूपये 19,400/- है।

मंत्री के जवाब के बाद इस अंदाज में गरमाया सदन

जब मंत्री ने अतिक्रमण की बात कही तब विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सवाल किया, जमीन आवंटन के बाद भवन निर्माण में अब रोड़ा अतिक्रमण को लेकर है। इसे कब तक हटाया जाएगा और कब से भवन निर्माण प्रारंभ होगा। मंत्री ने फिर जवाब दिया कि अतिक्रमण के कारण दूसरी जगह पर सर्वसुविधायुक्त बैंक बनाया जाएगा।

पूर्व सीएम ने पूछे इस अंदाज में सवाल

मंत्री के बार-बार अतिक्रमण और दूसरी जगह बैंक के लिए भवन बनाने के जवाब पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा, बैंक के भवन के लिए कितनी जमीन आवंटित की गई,कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और कितनी जमीन पर बैंक बनना है। मंत्री बार-बार जमीन के अलग-अलग आंकड़े बता रहे थे। तब पूर्व सीएम ने मंत्री को घेरते हुए कहा, आपके पास बैंक भवन के लिए पर्याप्त जमीन है, सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारी चेहते को बचाने के लिए बैंक को दूसरी जगह बनाना चाह रहे हैं, अतिक्रमण का बहाना बनाकर अतिक्रमणकारी को प्रश्रय दे रहे हैं। पूर्व सीएम के आरोप पर निरुत्तर हो गए मंत्री कश्यप और जवाब देते नहीं बना। नारेबाजी और शोर-शराबा के बीच कांग्रेस ने बर्हिगमन कर दिया।

ओवर लोडिंग के सवालों पर घिरे मंत्री कश्यप

विधायक ओंकार साहू ने कुछ इस तरह सवाल किया, प्रदेश में विगत तीन वर्षों में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं? जिला-वार विवरण दें? (ख) उक्त अवधि में परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन एवं बिना बीमा पाए जाने पर कितने प्रकरण बनाए गए तथा कितनी राशि वसूल की गई?

मंत्री का आया ऐसा जवाब, उसके बाद लग गई सवालों की झड़

(क) निरंक। बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नही किया जाता है। शेष प्रश्नांष उपस्थित नही होता। (ख) उक्त अवधि में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन एवं बिना बीमा पाये जाने पर 77810 प्रकरण बनाये गये है तथा उनसे रूपये 42,79,05,300/- की वसूली की गई है।

पूर्व सीएम ने कसा तंज, ट्रांसपोर्ट सिस्टम धीमा है

मंत्री के जवाब को लेकर जब विधायक ओंकार साहू ने ओवर लोडिंग वाहनों के बारे में अलग से जानकारी मांगी तब मंंत्री जवाब नहीं दे पाए। तब सभापति ने कहा, गाड़ी धीमी नहीं सरपट दौड़ रही है। मंत्री के जवाब को लेकर पूर्व सीएम ने कहा भूपेश ने कहा, बिना तैयारी के विभाग ने गलत जवाब दिया है, इस प्रश्न को या तो दूसरे दिन के लिए रखा जाए या फिर बायकाट करेंगे। भूपेश ने कहा आपसे लिखित उत्तर मांगा गया है। लिखित उत्तर में जवाब नहीं आ रहा है। विभागीय अफसर आंकड़े नहीं दे पा रहे हैं। मंत्री का विभागीय अफसरों पर नियंत्रण नहीं है।

सभापति को करना पड़ा हस्तक्षेप

मंत्री के सदन में घिरते देखकर सभापति धरमलाल कौशिक को हस्तक्षेप करना पड़ा। सभापति ने कहा,मंत्रीजी अलग आंकड़ा बता देंगे। आपने जो सवाल किया है उसका जवाब मंत्री ने दिया है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को नहीं देते बना जवाब

द्वारिकाधीश यादव ने पूछा, प्रदेश के महासमुंद जिला अंतर्गत भवनविहीन शासकीय नवीन महाविद्यालय तेंदुकोना हेतु वर्ष 2022-२३ भवन निर्माण हेतु प्रस्तावित व स्वीकृत राशि क्या थी? स्वीकृति का मद व उस पर की गई कार्यवाही बताएं? (ख) उक्त नवीन महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु 31 जनवरी, 2026 की स्थिति में क्या-क्या कार्यवाही की गई ? वर्षवार बताएं? वर्तमान में शासकीय नवीन महाविद्यालय तेंदुकोना, जिला-महासमुंद के भवन निर्माण की भौतिक स्थिति, कार्य पूर्ण, अपूर्ण, अप्रारंभ कारण सहित बताएं? (ग) शासकीय नवीन महाविद्यालय तेंदुकोना जिला महासमुंद के महाविद्यालय भवन निर्माण की पूर्णता हेतु कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने ये दिया जवाब

प्रदेश के महासमुंद जिला अंतर्गत भवनविहीन शासकीय नवीन महाविद्यालय तेंदुकोना के लिए वर्ष 2022-23 में नवीन भवन निर्माण हेतु प्रावधानित राशि रू. 125.00 लाख व स्वीकृत राशि रू. 465.84 लाख थी। उक्त स्वीकृति नाबार्ड पोषित योजनांतर्गत मद में की गई थी। की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है। वर्तमान में शासकीय नवीन महाविद्यालय तेंदुकोना, जिला महासमुंद के भवन निर्माण की भौतिक स्थिति, कार्य पूर्ण, अपूर्ण, अप्रारंभहोने का कारण नाबार्ड द्वारा राशि स्वीकृत न होना है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जवाब के बाद गरमाया सदन

मं9ी के जवाब के बाद विधायक ने मंत्री को जमकर घेरा और कहा कि अधिकारी सदन में मंत्री के जरिए गलत जवाब दिला रहे हैं। विधायक ने कहा जिस ठेकेदार की टेंडर की बात मंत्री कर रहे हैं उनका टेंडर निरस्त हो चूका है। विधायक ने पूछा, क्या मंत्री सदन में गलत जानकारी देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मंत्री ने कहा परीक्षण करेंगे कार्रवाई करेंगे।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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