विधानसभा बजट सत्र 2026: स्काउट गाइड रोवर जंबूरी, टेंडर को लेकर जमकर हुआ हंगामा, विपक्ष के सदस्यों का स्कूल शिक्षा मंत्री नहीं दे पाए जवाब...
CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में आज प्रारंभ से ही विपक्ष हावी रहा। बालोद में हुए स्काउट रोवर जंबूरी में निर्माण कार्य के लिए दिए गए टेंडर को लेकर जमकर विवाद हुआ। विधायक उमेश पटेल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए, सदन की उच्च स्तरीय समिति से जांच की मांग की। जब मंत्री ने जांच से इंकार किया तब विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की।

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रायपुर।11 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में आज प्रारंभ से ही विपक्ष हावी रहा। बालोद में हुए स्काउट रोवर जंबूरी में निर्माण कार्य के लिए दिए गए टेंडर को लेकर जमकर विवाद हुआ। विधायक उमेश पटेल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए, सदन की उच्च स्तरीय समिति से जांच की मांग की। जब मंत्री ने जांच से इंकार किया तब विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की।
प्रश्नकाल के दौरान पहला प्रश्न विधायक उमेश पटेल का लगा हुआ था। विधायक पटेल ने पूछा, बालोद में हुए स्काउट गाइड के रोवर रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में किस-किस कार्य के लिए कितना कितना खर्च किया गया? सामग्रीवार जानकारी देवें? कौन से फर्म को कितने का टेंडर दिया गया? क्या शर्त तय करने के लिए समिति बनी थी? क्या चहेतों को लाभ दिलाने के लिए टेन्डर बदलने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है ?
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने लिखित में दिया ये जवाब
बालोद जिले में हुए स्काउट गाइड के रोवर रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में क्रीडांगन (एरीना निर्माण), शौचालय निर्माण, जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था, आवास हेतु टेंट, कार्यक्रम हेतु डोम, बेरिकेट, भोजनालय एवं प्रिंटिंग आदि कार्य के लिये अद्यतन राशि रूपये 2,00,00,000.00 (अक्षरी दो करोड़ रूपये) मात्र का खर्च किया गया है। जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है। जम्बूरी कार्य के लिए मेसर्स अमर भारत किराया भण्डार, रायपुर को राशि रूपये 5,18,88,860.00 (अक्षरी पाँच करोड़ अठ्ठारह लाख अठ्ठासी हजार आठ सौ साठ रूपये मात्र) का टेंडर दिया गया था। जी हाँ, शर्त तयं करने के लिए समिति का गठन किया गया था। इस कार्य हेतु किसी भी फर्म को लाभ दिलाने के लिए टेन्डर बदलने संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
विधायक पटेल ने मंत्री से पूछा जंबूरी के दौरान कौन थे अध्यक्ष
विधायक उमेश पटेल ने मंत्री से पूछा,जब बालोद में स्काउट गाइड जंबूरी का आयोजन किया गया था, तब स्काउट गाइड परिषद का राज्य अध्यक्ष कौन था। मंत्री ने जवाब दिया भारत स्काउट गाइड के नियमावली के अनुसार राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री ही पदेन अध्यक्ष होते हैं। विधायक पटेल ने दूसरा सवाल दागा और पूछा,टेंडर पूरा होने से पहले जंबूरी स्थल में काम शुरू हो गया था,आधा काम पूरा हो गया था, स्ट्रक्चर आधा खड़ा हो गया था। ये कैसे हुआ। टेंडर में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। विधायक पटेल ने सदन के उच्च स्तरीय समिति के जरिए जांच की मांग की। मंत्री यादव ने कहा जब टेंडर में किसी तरह का भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है तो जांच का सवाल ही नहीं उठत।द
पूर्व सीएम ने कहा, अध्यक्ष की लड़ाई कोर्ट पहंच गया है
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि स्काउट गाइड अध्यक्ष की लड़ाई कोर्ट पहुंच गया है। जंबूरी कार्यक्रम से पहले काम को लेकर टेंडर लगाया गया, एक नहीं दो-दो बार टेंडर लगाया गया। पूर्व सीएम ने कहा, जिसको टेंडर दिया गया है उसे कैसे पता था कि टेंडर उसे ही मिलने वाला है। पूर्व सीएम ने कहा, सुकमा में भी ऐसे ही किया गया। आचार संहिता के दौरान काम शुरू किया गया था। पूर्व सीएम से सभापति को संबाेधित करते हुए कहा,इस तरह की प्रवृति पर रोक लगनी चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा है, जंबूरी स्थल में बिना टेंडर के काम शुरू किया गया है। क्या सदन की समिति उच्च स्तरीय समिति से जांच कराएंगे क्या।
मंत्री ने दिया ये जवाब
स्कूल शिक्षा मंत्री यादव ने कहा अध्यक्ष पद पर विवाद था ही नहीं, पदेन अध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री ही होंगे। भ्रष्टाचार के आरोप को नकारते हुए कहा, नेशनल हेडक्वार्टर का काम था, वह हुआ है। नेशनल के संयुक्त निर्देशक की अगुवाई में काम शुरू हुआ था। हमारा काम हमने किया है। जैम पोर्टल के जरिए काम किया गया है। जैम पोर्टल में कहीं भ्रष्टाचार की गुंजाइश ही नहीं है। मंत्री ने कहा, जब पूरा काम पारदर्शिता के साथ हुआ है तो जांच किस बात की कराई जाएगी।द्ध
