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CG PSC Scame: सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा के आरोपी व उद्योगपति श्रवण गोयल के पुत्र शशांक गोयल की जमानत याचिका खारिज

CG PSC Scame- सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा के आरोपी शशांक गाेयल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बिलासपुर हाई काेर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इसके पहले सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने भी जमानत आवेदन को खारिज कर दिया था। पढ़िए हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद सीबीआई के वकील ने क्या दलील दी ।

CG PSC Scame: सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा के आरोपी व उद्योगपति श्रवण गोयल के पुत्र शशांक गोयल की जमानत याचिका खारिज
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Bilaspur High Court- NPG News

By Radhakishan Sharma

CG PSC Scame: - बिलासपुर। सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा के आरोपी शशांक गोयल की जमानत याचिका को बिलासपुर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शशांक गोयल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरू के सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। जमानत ना देने के पीछे सीबीआई के अधिवक्ता ने तर्क पेश किया। हाई कोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता के तर्कों से सहमति भी जताई।

सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा के आरोपी शशांक गोयल के जमानत याचिका पर जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता बी. गोपाकुमार ने पैरवी की। याचिकाकर्ता के जमानत का विरोध करते हुए अधिवक्ता कुमार ने कहा कि फर्जीवाड़े में शशांक की संलिप्तता के स्पष्ट प्रमाण है। आरोपी को जमानत देने और जेल से छूटने के बाद गवाहों को प्रभावित करने के अलावा जांच को भी प्रभावित करने की आशंका जताई।

0 पिता-पुत्र हैं आरोपी

सीबीआई ने सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा में बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण गोयल व उनके पुत्र शशांक गोयल को आरोपी बनाया है। पिता-पुत्र के अलावा सीजीपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी व डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम ललित गणवीर को सीबीआई ने घोटाले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

0 सोनवानी की पत्नी के एनजीओ को गोयल ने दिए लाखों रुपये

सीबीआई जांच में यह बात भी सामने आई है कि उद्योगपति श्रवण गोयल ने अपनी कंपनी के सीएसआर फंड से सीजीपीएससी के तत्कालीन चेयरमेन टामन सिंह सोनवानी की पत्नी के नाम संचालित एनजीओ को लाखों रुपये दिए। आरोप है कि ये रुपये गोयल ने अपने बेटे व बहू को सीजीपीएससी में सलेक्शन के लिए बतौर घुस दिए। श्रवण गोयल के बेटा व बहू डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं।

0 सरकारी कर्मचारी और एनजीओ का कोषाध्यक्ष

सीजीपीएससी के तत्कालीन डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम ललित गणवीर सोनवानी की पत्नी के एनजीओ के कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। बतौर कोषाध्यक्ष आने वाले फंड का हिसाब किताब भी इन्हीं के जिम्मे था। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि कोई शासकीय अधिकारी व कर्मचारी शासन की अनुमति के बगैर एनजीओ का कोषाध्यक्ष कैसे बन सकता है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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