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CG में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र खा रहे दर-दर की ठाेकरें, मुसलमानों ने हथिया ली जमीन, अति संरक्षित जनजाति का हाल बेहद खराब...

CG News: उत्तर छत्तीसगढ़ के सभी पांचों जिले में पांचवीं अनुसूची लागू है। सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक में गांव है राजाकटेल, यहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और अति संरक्षित जनजाति पंडो आदिवासियों की 20 परिवार वर्षों से निवासरत है। झारखंड,बिहार व पश्चिम बंगाल से आए मुसलमानों ने इनकी जमीनों पर कब्जा तो किया,अब दंबगाई ऐसी कि इनका जीना मुश्किल हो रहा है।

CG में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र खा रहे दर-दर की ठाेकरें, मुसलमानों ने हथिया ली जमीन, अति संरक्षित जनजाति का हाल बेहद खराब...
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

सरगुजा। 28 फरवरी 2026|उत्तर छत्तीसगढ़ के सभी पांचों जिले में पांचवीं अनुसूची लागू है। सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक में गांव है राजाकटेल, यहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और अति संरक्षित जनजाति पंडो आदिवासियों की 20 परिवार वर्षों से निवासरत है। झारखंड,बिहार व पश्चिम बंगाल से आए मुसलमानों ने इनकी जमीनों पर कब्जा तो किया,अब दंबगाई ऐसी कि इनका जीना मुश्किल हो रहा है। समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो,किसी दिन ऐसी घटना घटेगी जिसकी भयावहता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। बहरहाल अंबिकापुर नगर निगम के पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर एसडीएम ने पंडो आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने वाले मुसलमानों को नोटिस जारी किया है।

एसडीएम की नोटिस जारी कानून कार्रवाई के बाद राजाकटेल गांव की भौगोलिक परिस्थिति के साथ ही डेमोग्राॅफी के बदलने का खतरा अब मंडराने लगा है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो आदिवासियों को रहवास के लिए राज्य शासन द्वारा जमीन का पट्टा दिया गया है। आज से तकरीबन 35 साल पहले झारखंड,बिहार,बंगाल से आए मुसलमानों ने पंडो आदिवासियों से बकरा रखने के लिए जगह मांगी। बकरा रखने के बहाने जमीन पर धीरे-धीरे कब्जा करने लगे। पहले तीन परिवार आया, धीरे-धीरे परिवार के लोगों और परिचितों को झारखंड,बिहार और पश्चिम बंगाल से लाकर बसाने लगे। अब तो राजाकटेल की भौगोलिक परिस्थितियां ही एकदम से बदल गई है। पंडो आदिवासियों के गांव में मुसलमानों की बढ़ती आबादी देखकर अब भी हैरत में रह जाएंगे। आलम ये कि पीढ़ी- दर-पीढ़ी राजाकटेल में रहने वाले पंडो आदिवासी अब अपने ही गांव में अनजान हो गए हैं। जिन जमीनों पर वे अपना जीवन यापन करते थे,अब उसके हाथ से वह भी छूट गया है। 25 पहले पंडो आदिवासियों के जमीन का टुकड़ा मांगकर गुजर बसर करने वाले मुसलमानों का पूरी जमीन पर कब्जा हो गया है। अब अपने ही गांव में पंडो को रहने के लिए इनके भरोसे रहना पड़ रहा है। दबंगाई ऐसी कि भोले-भाले आदिवासी सहमे-सहमे से रहने लगे हैं।

पार्षद दुबे ने कमिश्नर से की थी शिकायत

ग्राम पंचायत माजा का ही एक टोला है जो राजाकटेल नाम से ग्राम है। इसमें 12 पंडों जनजाति के लोगों के जमीन पर जो कई पीढ़ियों से राजा कटेल ग्राम में निवास करते आ रहें हैं। इनकी सरगुजा सेटलमेंट एवं सरकार से शासकीय पट्टे पर मिली जमीन पर झारखण्ड / बिहार एवं बंगाल से आकर मुसलमान जो बकरी, ताबीज एवं चूड़ी मनिहारी बेचने के नाम पर इस गांव में आये और जबरन ये बाहरी मुसलमान इन भोले-भाले पंडों का, जो 12 परिवार है। जिनको सरगुजा सेटलमेंट शासन से प्राप्त पट्टे जिनके पास थी। उनको ये बाहरी मुसलमान डरा धमकाकर शराब पीलाकर पंडो के अधिकांश जमीनों को स्टाम्प पर 50 साल 30 साल के लीज पर पंडो की जमीन को लिखवा लिये है। और राजाकटेल ग्राम में करीब 500 मुसलमान घर बनाकर इन भोले-भाले विलुप्त पंडो के जमीन को छीनकर मकान बनाकर बस गये हैं।

पार्षद दुबे ने अपने पत्र में लिखा है, पंडो जनजाति जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाते हैं। इनकी संख्या लगातार पूरे देश एवं प्रदेश में कम होती जा रही है, इनके अस्तित्व को बचाये रखना जरुरी है। इन भाले-भाले पंडो आदिवासियों के जमीनों को इन बाहरी मुसलमानों ने छलपूर्वक 50-100 रुपये के स्टाम्प पर, जो पंडो लोगों के शासकीय भूमि स्वामी पट्टा मिला था। उनको जबरन अपने नाम लिखवा लिये हैं।

राजाकटेल ग्राम में जिन पंडो लोगों के जमीन को जो-जो मुसलमान कब्जा किये है।

पंडो का नाम -रकबा -किस मुसलमान व्यक्ति ने कब्जा किया है उसका नाम

(1) रतियारा पति अर्जुन -1 एकड़ कबीर खान (झारखंड)

(2) हीरामती पति भोलू पंडो-1 एकड़ खुर्शीद खान (झारखंड़)

(3) बेचन पंडो पिता कवरु- 1 एकड़ सद्दाम खान

(4) लालगुलाब पिता धीरसाय-3 एकड़ पीर मो०, मुख्तार, गुलबहार, जमील, शमीम (बिहार)

(5) रतन पंडो पिता दीपन पंडो- 2 एकड़ खुर्शीद, नेसार, जहुर, महताब, सुलतान

(6) फुलसुन्दरी पति नोहरसाय - 1.5 एकड जमील खान

(7) मुन्ना पंडो पिता कालीचरण- 4 एकड़ - रज्जाक खान एवं अन्य

(8) शिवनारायण पंडो पिता गेंन्दुराम 2 एकड़ कुर्बान एवं रज्जाक खान

(9) बोधन पंडो पिता परशुराम 2 एकड़ हुसैन, सहाजेन खान, बलजीत

(10) मझवार पंडो पिता रुपसाय 1.5 एकड़ हुसैन

(11) लोकनाथ पंडो पिता बिपन 5 एकड़ कबीर, असलम, सद्दाम

3 एकड़ जैनूल, शमीम (12) सालन पंडो पिता रोन्हा

कमिश्नर ने कलेक्टर को जांच का दिया निर्देश

पार्षद दुबे की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा संभाग के कमिश्नर ने अंबिकापुर कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया था। कमिश्नर के निर्देश पर कलेक्टर ने एसडीएम,तहसीलदार व राजस्व अमले की टीम बनाकर जांच का निर्देश दिया। जांच टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल की। जांच दल ने शिकायत की पुष्टि करते हुए पंडो आदिवासियों की जमीन पर बाहरी राज्यों से आए मुसलमानों द्वारा कब्जा करने की जानकारी दी है।

एसडीएम ने कब्जाधारी मुसलमानों को जारी किया नोटिस

जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने कब्जाधारी मुसलमानों को बेदखली का नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

पंडो समाज ने सुरक्षा की लगाई गुहार, मारपीट व जमीन कब्जे का आरोप

लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राजाकटेल में पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों ने सुरक्षा की मांग को लेकर थाना प्रभारी को है। आवेदन सौंपा है। आवेदन में कुछ व्यक्तियों पर मारपीट, धमकी और जमीन कब्जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदन के अनुसार ग्राम राजाकटेल निवासी जमील अहमद, रफीक खान, सरफुदीन एवं कबीर पर पंडो समाज के लोगों को आए दिन मारपीट, धमकी और दुर्घटना में फंसाने की चेतावनी देने का आरोप है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि पंडो समाज की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पंडो समाज के प्रतिनिधियों ने अपने आवेदन में कहा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को डराया धमकाया जा रहा है तथा वाहन से दुर्घटना करने की धमकी दी जाती है। साथ ही पंडो समाज की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि इन घटनाओं से पूरे पंडो समाज में भय का वातावरण है और कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है, जिससे क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका

सरगुजा संभाग में लागू है पांचवीं अनुसूचि,गैर आदिवासी नहीं खरीद सकते जमीन

सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों अंबिकापुर,सरगुजा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर व कोरिया, एमसीबी में पांचवीं अनुसूचि लागू है। धारा 170 ख प्रभावशील है। आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी को ना तो खरीद सकते हैं और ना ही रजिस्ट्री हो सकती है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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