राहतभरी खबर: वाणिज्यिक गैस सिलेंडर में होगा सुधार, बड़े कदम उठाने के संकेत
छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से प्रदेशभर में होटल और रेस्टोरेंट में भारी संकट पैदा हो गया है। इसके व्यापक असर को देखते हुए अगले 48 घंटे में अच्छी खबर आने के संकेत मिल रहे हैं।

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रायपुर।14 मार्च 2026| ईरान- इजरायल के युद्ध के बीच छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में गैस की आपूर्ति (Lpg gas shortage news) प्रभावित हो गई है। संकट को देखते हुए वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति (Lpg gas shortage news) बंद कर दी गई है और रसोई गैस की कालाबाजारी या दुरुपयोग पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस बीच होटलों और रेस्टोरेंट पर पड़ रहे व्यापक असर को देखते हुए राज्य शासन ने उच्च स्तर पर इसका समाधान तलाशना शुरू कर दिया हे।
उच्च स्तरीय सूत्रों ने बताया कि गैस कंपनियों से बात चल रही है और उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। पहले चरण में क्षमता से करीब बीस प्रतिशत वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की ही आपूर्ति की जा सकेगी, मगर माना जा रहा है कि इससे प्रदेश के बड़े शहरों के होटलों और रेस्टोरेंट को राहत मिलने लगेगी। इसके बाद उत्पादन के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी किसी होटल या रेस्टोरेंट को वाणिज्यिक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इसकी जगह होटलों ने डीजल बर्नर, इंडक्शन और लकड़ी चूल्हे का उपयोग शुरू कर दिया है। ज्यादातर होटल वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के संकट का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं और लंबे समय तक संकट रहा तो होटलों में ताले लगने का सिलसिला शुरू हो सकता है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में कुछ प्रतिशत होटलों के बंद होने की खबर आने लगी है। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति शुरू करने के लिए गैस डीलरों से बात कर व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे मारामारी की हालत न बने।
गांवों में अब 45 दिन बाद ही रसोई गैस सिलेंडर
वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के संकट के बीच रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ने की जानकारी आ रही है। ग्रामीण इलाकों में भी अभी 25 दिनों में ही दूसरा सिलेंडर दिया जा रहा है। जबकि गांवों में खपत कम है। इसका फायदा उठा कर ग्रामीण इलाकों से गैस सिलेंडर लेकर शहरों में खपाने की सूचना आ रही है। इस कालाबाजारी को रोकने के लिए गैस बुकिंग के नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब ग्रामीण इलाकों में 45 दिन बाद ही दूसरा गैस सिलेंडर मिल सकेगा। अभी ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस सिलेंडर की आसानी से उपलब्धता के कारण दुरुपयोग भी शुरू कर दिया गया है। शहरों में अभी साल भर में 12 ही रसोई गैस सिलेंडर देने का नियम है। वह भी 25 दिनों के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर दिया जा सकेगा।
लाखों बुकिंग से सर्वर पस्त
गैस संकट को देखते हुए उपभोक्ता जरुरत से अधिक बुकिंग करने लगे हैं। इस कारण देशभर में गैस कंपनियों का सर्वर पस्त हो गया है। सर्वर काम नहीं करने से गैस एजेंसियों से सिलेंडर की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। एक आंकड़े के अनुसार प्रदेशभर में अभी 11 लाख से अधिक गैस बुकिंग के ओटीपी क्यू में हैं। इसका मतलब सर्वर व्यस्त होने के कारण ओटीपी रिलीज नहीं हो पा रहा है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि इस तकनीकी समस्या के कारण बहुत परेशानी हो रही है और लोग गैस एजेंसी पहुंच कर भीड़ बढ़ा रहे हैं। ऐसे में गैस वितरकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन देकर आग्रह किया है कि उन्हें मैनुअल भी गैस बुकिंग कर रसोई गैस सिलेंडर देने की अनुमति दी जाए, इससे आपूर्ति बहाल होने में मदद मिलेगी। साथ ही माहौल को देखते हुए एजेंसियों में जरुरत के हिसाब से पुलिस सुरक्षा का भी आग्रह किया गया है।
