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नक्सल इलाकों के थानों को पुलिस का इंतजार! बीजापुर में 642 पद खाली

छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर पद रिक्त हैं। इन पदों पर भर्ती की प्रतीक्षा हो रही है। बस्तर के नक्सल प्रभावित जिलों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं ही, राजधानी के रायपुर जिले में भी यही हाल है। इसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक से लेकर सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के पद शामिल हैं।

नक्सल इलाकों के थानों को पुलिस का इंतजार! बीजापुर में 642 पद खाली
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Anjali Vaishnav

रायपुर। 24 मार्च 2026|पुलिस विभाग में भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहती है, इसके बाद भी रिक्त पदों की संख्या बहुत ज्यादा है। गृह विभाग ने सभी रिक्त पदों का ब्यौरा जारी किया है। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ में निरीक्षक के 112, उपनिरीक्षक के 1036, सहायक उपनिरीक्षक के 552, प्रधान आरक्षक के 5768 और सर्वाधिक 8637 पद आरक्षकों के खाली पड़े हुए हैं। इस तरह देखा जाए तो रिक्त पदों का आंकड़ा बड़ा है और इसकी तुलना में भर्ती प्रक्रिया धीमी चल रही है।

वर्तमान में नक्सली केवल बस्तर तक सीमित रह गए हैं और वहां भी कुछ ही जिलों में सक्रिय हैं। पुलिस के पद सबसे ज्यादा बस्तर संभाग में ही रिक्त हैं। इनमें से घोर नक्सल क्षेत्र माने जाने वाले जिले शामिल हैं। इसका कारण माना जाता है कि वहां कोई पुलिस अधिकारी या आरक्षक जाना नहीं चाहता। अब परिस्थिति बदल रही है, नक्सली कमजोर पड़ चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नक्सलियों के समूचे नाश के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा दी है, यह समयसीमा समाप्त होने वाली है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आंकड़ों को देखें तो बीजापुर जिले की हालत सबसे खराब है, जबकि यहां नक्सली मूवमेंट ज्यादा रहा है। यहां आरक्षकों के 202 और प्रधान आरक्षकों के 262 पद रिक्त हैं। इतना ही नहीं, सहायक उपनिरीक्षकों के 97, उपनिरीक्षकों के 69 और निरीक्षकों के 12 पद खाली पड़े हुए हैं। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर का हाल भी जुदा नहीं है। यहां कुल 508 पद खाली हैं, इनमें आरक्षकों के 245, प्रधान आरक्षकों के 145 पद शामिल हैं। निरीक्षकों के भी 11 पदों पर भर्ती का इंतजार है। नारायणपुर में स्थिति बेहतर दिख रही है। वहां उपनिरीक्षक के केवल 8 पद खाली हैं, मगर आरक्षकों के 297 पद रिक्त हैं और बाकी सभी पद भरे हुए हैं। सुकमा भी घोर नक्सल प्रभावित रहा है, यहां पर कुल 395 पद रिक्त हैं, इनमें आरक्षकों के 33, प्रधान आरक्षकों के 221, सहायक उप निरीक्षकों के 83, उपनिरीक्षकों के 55 और निरीक्षकों के तीन पद शामिल हैं। दंतेवाड़ा में कुल 135, कांकेर में 80 और कोंडागांव में कुल 434 पद रिक्त हैं, जिनमें आरक्षकों के 319 पद शामिल हैं।

रायपुर-दुर्ग का भी हाल बुरा

पुलिस में खाली पदों के मामले में रायपुर जिले की भी हालत ठीक नहीं है। गृह विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक यहां 634 पद खाली हैं। निरीक्षकों का एक भी पद रिक्त नहीं है, जबकि उपनिरीक्षकों के 76, सहायक उपनिरीक्षकों के 4, प्रधान आरक्षक के 36 और सर्वाधिक आरक्षकों के 518 पदों पर भर्ती का इंतजार है। दुर्ग में 472 पद खाली हैं, इनमें से 324 पद आरक्षकों के हैं। अन्य जिलों के रिक्त पदों पर निगाह डालें तो बलौदाबाजार में 219, गरियाबंद में 370, कबीरधाम में 202, मोहला मानपुर में 270, बिलासपुर में 368, रायगढ़ में 296, सारंगढ़ बिलाईगढ़ में 271, बलरामपुर में 340, जशपुर में 200, सूरजपुर में 237, एमसीबी में 209 पद रिक्त हैं। बाकी जिलों में रिक्त पदों का आंकड़ा दो सौ से नीचे है।

Anjali Vaishnav

अंजली वैष्णव मैंने छत्तीसगढ़ के कल्याण कॉलेज भिलाई से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में M.sc Electronic Media की पढ़ाई की. इस दौरान मैने 2021 से TCP News, फिर TV 24 MPCG में बतौर कंटेट राइटर और बुलेटिन प्रोड्यूसर का कार्य किया, वर्तमान में मैं NPG.NEWS में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं, कंटेंट राइटिंग के साथ मुझे रिपोर्टिंग करना पसंद है.

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