आबकारी विभाग में वसूली का बड़ा खेला: अफसरों ने कर ली 50 से 60 लाख की वसूली! सिस्टम के नाम पर इस तरह किया खेला

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बिलासपुर।11 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर के आबकारी अफसरों ने गजब का खेला किया है। गांव-गांव में अवैध शराब और कोचियों को पकड़ने में फिसड्डी साबित हो रहे एक्साइज अफसरों ने बीयर बार संचालकों से जमकर वसूली कर ली है। एक बीयर बार संचालक से लाइसेंस नवीनीकरण के अलावा 2 से 2.50 लाख वसूल लिए। यह राशि सिस्टम के नाम पर वसूली गई है। बिलासपुर जिले में तकरीबन 20 से 22 बार संचालित हो रहा है। अंदाज लगाना मुश्किल है, आबकारी विभाग के अफसरों से सिस्टम का क्या ताल्लुक है। अगर यही सिस्टम है तो फिर यह अंदाज लगाना भी साफ है, सिस्टम के नाम पर और क्या होता होगा।
सिस्टम के नाम पर एक्साइज अफसरों का यह बेजा वसूली अकेले बिलासपुर जिले में नहीं हाे रहा है, कमोबेश छत्तीसगढ़ के हर जिले में इस खेल को अफसर बेहद आराम से खेल रहे हैं। कारण भी साफ है, सिस्टम के नाम पर जब बेजा वसूली हो रही है तो फिर कार्रवाई कैसा और कौन कार्रवाई से डरेगा। विभाग से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो इसके पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और दुर्ग में भी वसूली का गोरखधंधा अफसर चला चुके हैं। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है, जब बात इन दोनों जिलों के कलेक्टर और एक्साइज कमिश्नर तक पहुंच गई तब आनन-फानन वसूली बाज अफसरों ने वसूली की राशि बार संचालकों को लौटा दी। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी के आबकारी अफसर गजब कर रहे हैं। यहां तो वसूली का सिलसिला चल ही रहा है। बिलासपुर जिले में तकरीबन 22 बार संचालित हो रहे हैं। बार संचालकों से वसूली के लिए विभागीय अफसरों ने नया सिस्टम बना रखा है। लाइसेंस नवीनीकरण के अलावा यह राशि अलग से वसूल ली गई है।
कलेक्टर से शिकायत की चर्चा, प्रभारी मंत्री के संज्ञान में लाई गई बात
चर्चा तो इस बात की भी हो रही है, आबकारी विभाग में अपनी तरह के इस सिस्टम और वसूली की शिकायत कलेक्टर से की गई है या फिर करने की तैयारी की जा रही है। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है,एक्साइज अफसरों के इस खेल की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री से की गई है। बात उनके संज्ञान में लाई गई है। सिस्टम के बहाने की जा रही वसूली की चर्चा अब समूचे छत्तीसगढ़ में होने लगी है। इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी भी लामबंद होने लगे हैं। इस संंबंध में आबकारी अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
किस खजाने में गई वसूली की राशि
बार संचालकों ने लाइसेंस का नवीनीकरण करा लिया है। लाइसेंस नवीनीकरण की राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी गई है। नवीनीकरण के बाद लिए जा रहे इस शुल्क की राशि किस खजाने में जमा कराई जा रही है,इसे लेकर अब चर्चा हेाने लगी है। छत्तीसगढ़ में कहीं एक और आबकारी घोटाला तो नहीं फूटेगा?

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।
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