CG Congress Politics: कांग्रेस में फोटो पॉलिटिक्स: पीसीसी ने थमाई जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को नोटिस, संगठन सृजन से बने जिला अध्यक्ष अनुशासनहीनता के आरोप से घिरे
CG Congress Politics: केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क की लड़ाई करते-करते जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष खुद ही विवादों से घिर गए हैं।

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7 February 2026|बिलासपुर। केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क की लड़ाई करते-करते जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष खुद ही विवादों से घिर गए हैं। मनरेगा बचाओ महासंग्रम के बीच कुछ ऐसा हो गया, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को अपनी कुर्सी बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संगठन सृजन के बाद ऐसा माना जा रहा था, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सब-कुछ ठीक होगा और संगठनात्मक कामकाज में सबकी सहभागिता नजर आएगी। थिंक टैंक का आइडिया बिलासपुर में पूरा होते नजर नहीं आ रहा है। संगठन सृजन के दौर में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की नियुक्ति हुई है। शहर में सिद्धांशु मिश्रा व जिले की कमान महेंद्र गंगोत्री को मिली है। संगठनात्मक कामकाज के मामले में महेंद्र को काफी अनुभव भी है और कामकाज का अच्छा अनुभव भी है। यूथ कांग्रेस की राजनीति के मंझे महेंद्र गंगोत्री को जिले की कमान सौंपी गई है। मनरेगा बचाओ महासंग्राम के बीच महेंद्र व उनके समर्थक पदाधिकारियों से एक बड़ी चूक हो गई है। चूक है या फिर जानबुझकर विवाद को हवा देने की कोशिश, यह तो जिला अध्यक्ष के जवाब के बाद ही साफ हो गया, बहरहाल कांग्रेस में फोटो पॉलिटिक्स एक बार फिर तेजी के साथ हावी हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री को अनुशासनहीनता के दायरे में लाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब के लिए टाइम लिमिट भी तय कर दिया है।
पढ़िए क्या है मामला, महेंद्र क्यों घिरे इस आरोप से
मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत कोटा में पदयात्रा का आयोजन किया गया था। पदयात्रा में एआईसीसी के सचिव व प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी विजय जांगिड़ और मनरेगा बचाओ अभियान के प्रदेश समन्वयक व पूर्व मंत्री उमेश पटेल शामिल हुए थे। इसी यात्रा के दौरान कोटा क्षेत्र में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए झंडा,बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। पोस्टर में फोटो लगाते वक्त एक बड़ी चूक सामने आई। बैनर व पोस्टर में एआईसीसी के महासचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की तस्वीर गायब थी। एक भी ऐसा पोस्टर व बैनर नहीं था, जिसमें दोनों दिग्गज नेताओं की फोटो नजर आई हो। पीसीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब के लिए टाइम लिमिट भी है। नोटिस का जिलाध्यक्ष गंगोत्री को तीन दिन के भीतर जवाब देना होगा।
शपथ ग्रहण के दौरान दिखी थी गुटबाजी
जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर सिद्धांशु मिश्रा के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस भवन में गुटबाजी नजर आई थी। अनुशासन को लेकर जब सिद्धांशु ने बड़ी-बड़ी बातें की तब पीसीसी चेयरमैन दीपक बैज ने नाराजगी जताई और समझाइश भी दी। इसी दौरान कांग्रेस भवन में बैठे कुछ सीनियर कांग्रेसजनों ने नगर निगम चुनाव के दौरान भितरघात की चर्चा भी शुरू कर दी। तब तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने सरकंडा क्षेत्र के कुछ कांग्रेस नेताओं को भितरघात की पुष्ट शिकायत के बाद जमकर फटकार लगाई थी। कांग्रेस के एक मौजूदा विधायक ने भी तब इस तरह की गतिविधियों में शामिल ना होने की समझाइश भी दी थी। शपथ ग्रहण के दौरान जिस तरह का माहौल बना,उसके बाद से ही इस बात की चर्चा होने लगी है कि शहर व जिले में कांग्रेस की राजनीति में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
भोज पाॅलिटिक्स से घिरे महेंद्र गंगोत्र
दो दिन पहले सड़क दुर्घटना में कांग्रेस नेता सहित दो की मौत हो गई थी। मस्तूरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को गंभीर हालत में अपोलो लाया गया था। दर्दनाक और दुखद घटना के बीच जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने शहर से दूर एक होटल में ब्लॉक अध्यक्षों व चुनिंदा समर्थकों को भोज दिया था। भोज पॉलिटिक्स की बातें राजधानी तक पहुंच गई है। इसे लेकर भी चर्चा का दौर जारी है।
