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अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में बड़ा घोटाला: भर्ती प्रक्रिया और खरीदी में नियमों की उड़ाई धज्जियां, निज सहायक की नियुक्ति पर जांच समिति ने उठाए सवाल..

CG News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में एक के बाद एक बड़ा घोटाला सामने आया है। 92,55,116 रुपये की फर्नीचर खरीदी में विश्वविद्यालय के अफसरों ने सरकारी खजाने को जमकर चूना लगया है। अब दूसरा घोटाला सामने आ गया है। भर्ती और खरीदी में नियमों और मापदंडों की अफसरों ने खुलकर धज्जियां उड़ाई है।

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में बड़ा घोटाला: भर्ती प्रक्रिया और खरीदी में नियमों की उड़ाई धज्जियां, निज सहायक की नियुक्ति पर जांच समिति ने उठाए सवाल..
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।1 अप्रैल 2026| एक्सक्लूसिव रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में एक के बाद एक बड़ा घोटाला सामने आया है। 92,55,116 रुपये की फर्नीचर खरीदी में विश्वविद्यालय के अफसरों ने सरकारी खजाने को जमकर चूना लगया है। अब दूसरा घोटाला सामने आ गया है। भर्ती और खरीदी में नियमों और मापदंडों की अफसरों ने खुलकर धज्जियां उड़ाई है। अचरज की बात ये, निज सहायक की भर्ती फर्जी निकल गई है। जांच समिति ने पेश किए गए प्रमाण पत्र और दस्तावेजों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए जांच की अनुंशसा की है।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के अफसरों ने भर्ती प्रक्रिया में नियमों व मापदंडों को दरकिनार कर दिया है। जांच समिति ने शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों पर समय-समय पर की गई भर्ती प्रक्रिया की जब पड़ताल की तब चौंकाने वाले मामले सामने आए। यूनिवर्सिटी ने भर्ती के लिए एक बार अलग और दूसरी मर्तबे दूसरी प्रक्रिया और मापदंड को अपनाया। ऐसा कर आरक्षण रोस्टर की धज्जियां ही उड़ा दी है। जांच कमेटी ने दो विभागों में शैक्षणिक पदों पर की गई भर्तियों में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है। वर्ष 2012-14 में शैक्षणिक पदों पर की गई नियुक्ति प्रक्रिया अंतर्गत आरक्षण रोस्टर विभाग विशेष को ईकाई मानकर किया गया तथा वर्ष 2023-25 में की गई नियुक्ति प्रक्रिया अंतर्गत आरक्षण रोस्टर विश्वविद्यालय को ईकाई मानकर (100 बिन्दु रोस्टर) किया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा गठित रोस्टर समिति के अनुसंशा के तहत भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। इसे लेकर जांच समिति ने गंभीर सवाल खड़ा किया है।

संस्थान एक, आरक्षण रोस्टर के लिए अपनाए अलग-अलग मापदंड

छग शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय से प्राप्त सेटअप अनुसार शैक्षणिक,अशैक्षणिक पदों पर नियुक्ति हेतु प्राप्त स्वीकृति के अनुरूप समयांतराल में विज्ञापन जारी कर विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-14 में शैक्षणिक पदों पर की गई नियुक्ति प्रक्रिया अंतर्गत आरक्षण रोस्टर विभाग विशेष को ईकाई मानकर किया गया तथा वर्ष 2023-25 में की गई नियुक्ति प्रक्रिया अंतर्गत आरक्षण रोस्टर विश्वविद्यालय को ईकाई मानकर (100 बिन्दु रोस्टर) किया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा गठित रोस्टर समिति के अनुसंशा अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की गई है।

होटल मैनेजमेंट विभाग में की गई नियुक्ति में भारी गड़बड़ी

वर्तमान में की गई नियुक्ति प्रक्रिया अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा सुसंगत विषयों का आधार दर्शाते हुये होटल मैनेजमेंट एंड हॉस्पिटैलिटी विभाग में नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियम 2018 के अधीन किया गया है जबकि वर्ष 2012-14 में नियुक्ति AICTE एवं UGC विनियम के अधीन किया गया था। अतः उक्त विभाग में की गई नियुक्ति प्रक्रिया में विसंगती दिखाई पड़ती है जिस हेतु विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण लिया जाना उचित होगा।

काॅमर्स एवं मैनेजमेंट में नियुक्ति, हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई

कॉमर्स एवं मैनेजमेंट में की गई नियुक्ति के संदर्भ में याचिका उच्च न्यायालय, बिलासपुर में लंबित है, जिसका अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय को मान्य होगा। अतः उक्त नियुक्ति के संबंध में किसी प्रकार का टिप्पणी किया जाना उचित नही है।

फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए निज सहायक की नियुक्ति

अशैक्षणिक पदों पर विश्वविद्यालय द्वारा की गई नियुक्ति अंतर्गत उल्लेखनीय है कि उपेन चंद्राकर, निज सहायक की नियुक्ति जिस प्रमाण पत्र, दस्तावेज के आधार पर किया गया है, उसकी मान्यता संदिग्ध है। अतः उक्त नियुक्ति उचित प्रतीत नहीं होता है।

कंप्यूटर, ई-रिक्शा व ट्रैक्टर ट्राली खरीदी में भारी गड़बड़ी

विश्वविद्यालय द्वारा निर्माण कार्य, नवीनीकरण कार्य, सौंदर्गीकरण कार्य, नैंक मूल्यांकन के दृष्टिगत कराया गया है, जिसका बजट कार्यपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है परंतु 50 लाख रूपये से अधिक मूल्य का कम्प्यूटर क्रय हेतु ई-मानक पोर्टल का उपयोग किया गया है। जबकि नियमानुसार निविदा जारी कर क्रय प्रक्रिया किया जाना उचित होता। साथ ही ई- रिक्शा और ट्रैक्टर ट्रॉली को निविदा प्रक्रिया से क्रय किया जाना उचित होता। अतः इस संदर्भ में विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण लिया जाना उचित होगा।

वित्त विभाग के बिना अनुमति वेतन का भुगतान

विश्वविद्यालय द्वारा वार्षिक बजट निर्माण में संलग्न अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा वर्ष में एक माह का अतिरिक्त वेतन भुगतान किया जाता रहा है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त नहीं किया गया है। अतः अतिरिक्त वेतन प्राप्त करना अनुचित प्रतीत होता है।

50 लाख का एडवांस पेमेंट और फिर अनुबंध कर दिया निरस्त

ऑनलाइन सेवा हेतु विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2023 में IUMS, मुंबई से अनुबंध किया गया परंतु बिना कार्य लिये 3-4 महीने बाद अनुबंध निरस्त करते हुए, पूर्व में कार्यरत एवं वर्ष 2022 में अनुबंधित फर्म MICS, भोपाल से कार्य लिया जा रहा है, यद्यपि उक्त अनुबंध को भी उचित प्रक्रिया के माध्यम से पुनअनुबंधित किया जाना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि IUMS, मुंबई काे, विश्वविद्यालय द्वारा रूपये 50 लाख अग्रिम भुगतान किया गया था, जो उचित प्रतित नहीं होता, विश्वविद्यालय द्वारा उक्त राशि की वसूली किया जाना आवश्यक होगा।

शैलेंद्र दुबे को कुल सचिव के प्रभार से मुक्त करना सही निर्णय

शैलेन्द्र दुबे, सहायक कुलसचिव को उप कुलसचिव के पद पर छ.ग. शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नत किया गया था, तथा विश्वविद्यालय में कुलसचिव के पद रिक्त होने पर कुलसचिव का कार्य प्रभार, कुलपति के अनुमोदन से दिया गया था। वर्तमान में दुबे को कुलसचिव के प्रभार से मुक्त कर दिया गया, उचित है।

जांच समिति ने इन शिकायतों पर जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट

शैक्षणिक, अशैक्षणिक पदों पर भर्ती, कार्यालयीन, शैक्षणिक उपकरणों का क्रय किया जाना, निर्माण एवं रेनोवेशन कार्य किया जाना तथा अन्य शैक्षणिक, शैक्षणेत्तर गतिविधियों से संबंधित है।

ये हैं जांच समिति के सदस्य

  • डॉ. डीएस जगत अध्यक्ष, जांच समिति, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय।
  • डॉ. राजेश पाण्डेय सदस्य, जांच समिति, क्षेत्रीय अपर संचालक, संभाग दुर्ग, उच्च शिक्षा।
  • डॉ. अमिताभ बैनर्जी सदस्य, जांच समिति, प्राचार्य, शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर।
  • डॉ. डी. के. श्रीवास्तव सदस्य, जांच समिति, प्राध्यापक, उच्च शिक्षा संचालनालय।
  • डॉ. गोवर्धन यदु, सदस्य, जांच समिति, सहायक संचालक उच्च शिक्षा संचालनालय।






Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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