Begin typing your search above and press return to search.

CG के इस शहर में नियम कानून की उड़ रही धज्जियां, बिना नक्शा पास कराए 177 संस्थान हो रहे संचालित....

CG News: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में गजब हो रहा है। निगम के अफसर से लेकर पूरे महकमे को नियमों के क्रियान्वयन को लेकर या तो परवाह नहीं है या फिर महकमे के खेला के चलते लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है और बिना नक्शा पास कराए मनमर्जी बिल्डिंग तान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री का जो जवाब सदन में आया है वह कम चौंकाने वाला नहीं है। बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला के सवाल के जवाब में जो बताया इससे तो सिस्टम पर ही सवालिया निशान उठ खड़ा हुआ है।

CG के इस शहर में नियम कानून की उड़ रही धज्जियां, बिना नक्शा पास कराए 177 संस्थान हो रहे संचालित....
X

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। 15 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में गजब हो रहा है। निगम के अफसर से लेकर पूरे महकमे को नियमों के क्रियान्वयन को लेकर या तो परवाह नहीं है या फिर महकमे के खेला के चलते लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है और बिना नक्शा पास कराए मनमर्जी बिल्डिंग तान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री का जो जवाब सदन में आया है वह कम चौंकाने वाला नहीं है। बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला के सवाल के जवाब में जो बताया इससे तो सिस्टम पर ही सवालिया निशान उठ खड़ा हुआ है।

बिलासपुर स्मार्ट सिटी में नगर निगम के अफसर स्मार्ट काम करने के बजाय भूमाफिया और बिल्डर्स से मिलकर खेला कर रहे हैं। बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला के सवाल के जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने लिखित जवाब में बताया है, बिलासपुर नगर निगम सीमा के भीतर 177 ऐसे संस्थान हैं जो बिना नक्शा पास कराए बना दिया गया है।

ये है 177 संस्थान जो बिना नक्शा पास कर बना दिए गए

नगरीय प्रशासन मंत्री ने सदन में जो कुछ बताया वह कम चौंकाने वाली बात नहीं है। मंत्री ने सदन में लिखित उत्तर पेश करते हुए बताया, नगर पालिक निगम बिलासपुर सीमा क्षेत्र में वर्ष 2022 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 177 संस्थान बिना नक्शा पास कराए संचालित पाए गए। इनमें 33 व्यवसायिक संस्थान, 9 नर्सिंग होम, 12 हॉस्टल, 1 होटल तथा 22 निजी शिक्षण संस्थान शामिल हैं।

मिली 43 शिकायतें

सरकार ने बताया कि इन मामलों में अनियमितताओं को लेकर 43 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों की जांच के लिए जोन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें भवन उप अभियंता और सहायक राजस्व निरीक्षक को सदस्य बनाया गया है। समिति द्वारा जांच की जा रही है और प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

एक और बड़ा खेला ऐसा

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2022 से 31 जनवरी 2026 तक बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 5531 आवासीय एवं 883 व्यावसायिक भवनों सहित कुल 6414 भवन निर्माण की अनुमतियां जारी की गई हैं। डायवर्सन (भू-उपयोग परिवर्तन) के संबंध में बताया गया कि वर्ष 2022 से 31 जनवरी 2026 तक 7104 मामलों में आदेश जारी किए गए।

मात्र एक पर हुआ FIR

अधिकांश मामलों में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि एक प्रकरण में समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के आधार पर विजय कुमार साहू द्वारा खसरा नंबर 559/22 की 3492.5 वर्गफुट भूमि के डायवर्सन संबंधी मामला सामने आया, जिसमें जांच के बाद जारी भवन अनुज्ञा निरस्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नगर पालिक निगम बिलासपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

60 फ्लैट की अनुमति, और नक्शा पास 90 फ्लैट का, कैसे हुआ यह 'चमत्कार'?

मास्टर प्लान और नियमों को ताक पर रखकर बिल्डर ने की शासन से धोखाधड़ी, 60 फ्लैट की अनुमति, और नक्शा पास 90 फ्लैट का: कैसे हुआ यह 'चमत्कार'? न्यायधानी के अज्ञेय नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने नगर पालिक निगम और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (T&CP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'मेसर्स अनंत रियाल्टी' नामक प्रोजेक्ट में बिल्डर नमन गोयल और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से नियमों की ऐसी धज्जियां उड़ाई गई हैं, जो सीधे तौर पर शासन को करोड़ों की क्षति और आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है।

एरिया स्टेटमेंट' और स्वीकृत 'नक्शे' के बीच का भारी अंतर

इस पूरे मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू 'एरिया स्टेटमेंट' और स्वीकृत 'नक्शे' के बीच का भारी अंतर है। अनुमोदित अभिन्यास के अनुसार, बिल्डर नमन गोयल ने 4 तलों पर केवल 60 फ्लैट्स के निर्माण का जिक्र अनुमोदित अभिन्यास के एरिया स्टेटमेंट में किया। लेकिन विभाग के द्वारा उसी अनुमोदित अभिन्यास के नक्शे में जादूई तरीके से फ्लैट्स की संख्या बढ़कर 90 और तलों की संख्या 6 को कर नक्शा पास कर दिया गया है । यह विसंगति इतनी प्रत्यक्ष है कि इसे पहली नज़र में ही देखा जा सकता है, फिर भी अधिकारियों ने इसे अपनी मंजूरी दे दी।

जिस इंजीनियर ने प्रोजेक्ट नक्शा बनाया, बिलासपुर में इस नाम का कोई आर्किटेक्ट व इंजीनियर ही नहीं

प्रोजेक्ट का नक्शा 'विकास सिंह' नामक एक इंजीनियर के माध्यम से तैयार कराया गया है। बिलासपुर शहर में इस नाम का कोई भी आर्किटेक्ट या इंजीनियर उपलब्ध ही नहीं है। यह एक छद्म नाम है जिसका उपयोग केवल फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए किया जाता रहा है। पूर्व में भी इस नाम का उपयोग कर कई अवैध निर्माणों के नक्शे स्वीकृत कराए गए थे, जिसके बाद नगर निगम ने इस कथित इंजीनियर का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद, उसी निलंबित पहचान पर एक नया बड़ा प्रोजेक्ट पास हो जाना विभाग की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

पढ़िए क्या है नियम?

नियमों के अनुसार, किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए फ्लैट आरक्षित करना अनिवार्य है। बिल्डर ने शपथ पत्र दिया कि वह ग्राम तिफरा के खसरा नंबर 407/7 पर ये फ्लैट बनाएगा। लेकिन जब इस यह जमीन बिल्डर के नाम पर दर्ज ही नहीं है। यानी, गरीबों को घर देने के नाम पर शासन को पूरी तरह से गुमराह किया गया और एक झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर विकास अनुज्ञा प्राप्त कर ली गई।

सरकारी विभागों में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे इतना बड़ा खेल हो जाना यह साबित करता है कि बिल्डर नमन गोयल शासन प्रशासन के साथ पूर्ण रूप से धोखाधड़ी करते हुए फर्जी नक्शा अनुमोदित करवा लिया, ऐसे में बिल्डर नमन गोयल और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर प्रोजेक्ट की विकास और भवन अनुज्ञा तत्काल प्रभाव से निरस्त होना चाहिए ताकि आम नागरिक और भोले वाले लोगों को से धोखाधड़ी होने से बचाया जा सके । अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।

जांच की घोषणा के बीच एक गड़बड़ी ऐसी भी

एक ओर छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 177 अवैध संस्थानों का मुद्दा गरमाया हुआ है, जिस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर, शहर के तालापारा (अज्ञेय नगर) में 'मेसर्स अनंत रियाल्टी' नामक प्रोजेक्ट में नियमों की धज्जियां उड़ाकर किए जा रहे निर्माण ने नगर एवं ग्राम निवेश (T&CP) और निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story