बर्ड फ्लू साइड इफैक्ट: चिकन-अंडा व्यापारियों ने घेरा MLA बंगला, दुकान बंद कराने से भड़के कारोबारियों ने कहा...
बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद ऐतिहात के तौर पर होटल, रेस्टारेंट व चिकन सेंटरों में चिकन व अंडों पर बैन कर दिया है। इसका असर अब कारोबारियों पर पड़ने लगा है। नाराज कारोबारियों ने विधायक अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव कर व्यवसाय संचालित करने की मांग की।

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बिलासपुर। 28 मार्च 2026|छतीसगढ़ के बिलासपुर में फैले बर्ड फ्लू का असर अब बाजार पर पड़ने लगा है। कोनी कुक्कुट पालन केंद्र जहां बर्ड फ्लू के चलते 35 हजार से ज्यादा मुर्गा-मुर्गियों व अंडों को पशु पालन विभाग ने नष्ट किया है,इसके 10 किलोमीटर क्षेत्र को जिला प्रशासन ने कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया है। ऐतिहात के तौर पर होटल, रेस्टारेंट व चिकन सेंटरों में चिकन व अंडों पर बैन कर दिया है। इसका असर अब कारोबारियों पर पड़ने लगा है। नाराज कारोबारियों ने विधायक अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव कर व्यवसाय संचालित करने की मांग की। बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का असर ये, प्रतिदिन 80 लाख के करीब नुकसान कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा, घेरा विधायक निवास
जिला प्रशासन की लगातार सख्ती और चिकन व अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध के कारण इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों का कारोबार पूरी तरह ठप पड़ गया है। बेकारी और लगातार हो रहे नुकसान से कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज कारोबारियों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल का सिविल लाइन स्थित निवास का घेराव कर दिया।इस दौरान उन्होंने विधायक अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्याएं बताई। व्यापारियों ने विधायकअमर अग्रवाल को बताया, दुकानें बंद होने से उनके सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारियों ने गाइडलाइन के तहत दुकानें खोलने की छूट देने की मांग की है। विधायक अमर अग्रवाल ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है, कलेक्टर से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालेंगे।
शासकीय कुक्कट पालन केंद्र में है फ्लू का संक्रमण
व्यापारियों ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, कोनी स्थित सरकारी हेचरी में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है। प्राइवेट हेचरी और दुकानों में यह समस्या नहीं है। ज्यादातर प्राइवेट दुकान संचालक बॉयलर मुर्गों का कारोबार करते हैं। जिसमें संक्रमण नहीं है। प्रशासन बेवजह डर दिखाकर उनकी दुकानों को बंद करा रहा है।
11 दिनों तक रहेगी ऐसी ही स्थिति, नुकसान की आशंका से व्यापारी परेशान
व्यापारियों का कहना है कि नवरात्रि पर्व में पहले ही तकरीबन 10 दिनों तक दुकानें बंद रहीं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हुआ है। नवरात्रि के बाद बिक्री की उम्मीद से उन्होंने चूजों और अंडे मंगाए थे, जिसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यह स्थिति आने वाले 11 दिन तक रहने वाली है। ऐसे में व्यापारियों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है। बल्कि, उनका रोजगार पर भी खासा असर हो रहा है।
रेस्टोरेंट दुकानों में लगा बोर्ड
जिला प्रशासन द्वारा मुर्गा मुर्गियों व अंडों की खरीदी बिक्री पर बैन के कारण शहर के होटल, रेस्टोरेंट व चिकन सेंटरों में संचालकों द्वारा बोर्ड लगा दिया गया है। इसमें प्रशासन के निर्देशों का हवाला देते हुए फिलहाल उपलब्ध ना होने की जानकारी दी है।
