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Bilaspur High Court: हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? ये सबसे विवादित जिला! जल जीवन मिशन के कामकाज में लापरवाही और लेटलतीफी को लेकर नाराजगी

Bilaspur High Court: स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन और संचालन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है।

Bilaspur High Court: हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? ये सबसे विवादित जिला! जल जीवन मिशन के कामकाज में लापरवाही और लेटलतीफी को लेकर नाराजगी
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इमेज सोर्स-  गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

11February 2026|बिलासपुर। हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। पीआईएल की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने डिवीजन बेंच को बताया, जल जीवन मिशन के कामकाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से अपने हिस्से की 50 प्रतिशत राशि अभी जारी नहीं हो पाई है। अधिवक्ता मिश्रा के जवाब के बाद बेंच ने प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने 30 अप्रैल की तिथि तय कर दी है।

तय होगी जिम्मेदारी, जवाबदेही से कोई बच नहीं सकता

काम में हो रहे विलंब को लेकर डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा, अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी, जिम्मेदारी से कोई बच नहीं सकता। अपनी जिम्मेदारी निभाने से किनारा करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।

पहली सुनवाई मे इस तरह की सामने आई थी जानकारी

पीआईएील की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच के सामने जानकारी आई थी,बिलासपुर जिले में 33 गांव ऐसे हैं जहां केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिले के कई स्कूलों में भी कमोबेश कुूछ इस तरह की अव्यवस्था है। योजना के संचालन में केंद्र व राज्य सरकार की बराबरी की भागीदारी है।

दो साल से चल रही है पीआईएल पर सुनवाई

हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान वाली पीआईएल पर बीते दो साल से सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एक सच ऐसा भी सामने आया कि जिले के एक गांव दैहानपारा में केवल 130 घरों को पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो उस गांव की आबादी का मात्र 20 प्रतिशत है। कोर्ट ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रारंभ होने के बाद बिलासपुर सबसे विवादित जिला बना हुआ है।

बन्नाकडीह पंचायत में जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनको जल आपूर्ति के लिए कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों ने दावा किया है कि सभी घरों में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है, हकीकत ये है, जिले के पूरे गांव में आजतलक पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। जिन गांवा में जल जीवन मिशन के तहत पानी की आपूर्ति की जा रही है, वहां पंचायत द्वारा जारी किए जाने वाले बिल में भी विसंगतियाें की शिकायत मिल रही है। जल शुल्क के रूप में किसी गांव में 100 रुपये तो. किसी गांव में 80 रुपए लिया जा रहा है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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