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पागल कुत्ते ने काटा तो परिजन कराते रह गए झाड़फूंक, तड़प कर महिला ने दे दी जान

CG News: आदिवासी इलाकों में अब भी गंभीर बीमारियों या जानवरों के काटे जाने पर झाड़फूंक का सहारा लिया जाता है। इसी चक्कर में बलरामपुर इलाके में एक महिला की जान चली गई। महिला को कुत्ते ने काट दिया था, परिजन उसे अस्पताल ले जाने की जगह बैगा से झाड़फूंक करवाते रह गए।

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फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

By Chitrsen Sahu

बलरामपुर 19 मार्च 2026, सरगुजा संभाग के दूरस्थ आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य के प्रति अब भी जागरुकता नहीं है। परिजनों की लापरवाही से शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम गम्हारडीह की 35 वर्षीय महिला कमीला टोप्पो ने दम तोड़ दिया। कमीला टोप्पो अपने पति बंदेश्वर टोप्पो और दो बच्चों के साथ डेढ़ माह पहले जंगल में लकड़ी लेने चली गई थी। जंगल से वापसी में अचानक एक कुत्ते ने हमला कर दिया। महिला ने अपने डेढ़ माह के बच्चे को पीठ पर झोली के सहारे बिठा रखा था और अपने सिर पर लकड़ी का बंडल रखी हुई थी। घर लौटते वक्त एकाएक एक कुत्ते ने उछल कर हमला कर दिया। इससे महिला का दाहिना हाथ जख्मी हो गया। माना जा रहा है कि हमलावर कुत्ता पागल था।

घायल अवस्था में ही वह घर आ गई और परिजनों ने भी उसे अस्पताल ले जाने की जरुरत नहीं समझी। इसके बाद गांव में ही एक बैगा के पास झाड़- फूंक और जंगली जड़ी बूटी से इलाज का दौर शुरू हो गया। बीते माह तक तो सब ठीक चलता रहा। परिजनों ने बताया कि 16 मार्च को इलाके के मौसम में अचानक तब्दीली आ गई थी। उसी मौसम को देख कर महिला अजीबोगरीब व्यवहार करने लग गई। उसका व्यवहार कुत्तों जैसा होने लगा। कभी वह भौंकती थी तो कभी पानी देख कर भाग जाती थी। तब परिजनों को लगा कि महिला का स्वास्थ्य गड़बड़ हो रहा है।

महिला का लक्षण देख कर लग रहा था कि उसकी स्थिति गंभीर हो चली है। पड़ोसियों की सलाह पर परिजन महिला को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ गए। वहां से डॉक्टरों ने महिला को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इलाज के बीच 17 मार्च को उस महिला ने दम तोड़ दिया। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने माना कि यदि महिला को समय पर रेबीज इंजेक्शन दे दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। झाड़फूंक के कारण इलाज में काफी विलंब हो गया।

नागरिकों को डॉक्टर की सलाह-

रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने नागरिकों से सतर्क रहने और समय पर उपचार लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि रेबीज एक गंभीर एवं घातक बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर सहित अन्य जानवरों के काटने या खरोंचने से फैलती है।

डॉ. सिंह ने कहा कि किसी भी पशु के काटने या खरोंचने की घटना को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले प्रभावित स्थान को 10 से 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद एंटीसेप्टिक लगाकर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। सीएमएचओ ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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