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CG में कुत्ते के काटने से युवक की मौत: तबीयत बिगड़ने पर निकाल रहा था कुत्ते की आवाज, जड़ी-बूटी के चक्कर में गई जान

बलरामपुर में रेबिज से युवक की मौत हो गई। युवक कुत्ते जैसी आवाजें निकाल रहा था, जिसके चलते उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

balrampur rabies
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फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

By Chitrsen Sahu

बलरामपुर 17 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में रेबिज से युवक की मौत हो गई। युवक को 5 महीने पहले कुत्ते ने काटा था और वह चिकित्सा उपचार के बजाय जड़ी-बूटी से इलाज करा रहा था, लेकिन रविवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा। इसके बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी सोमवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई।

निकालने लगा कुत्ते जैसी आवाज

मृतक की पहचान रमजीत राम (35) के रूप में हुई है, जो कि महाराजगंज गांव का रहने वाला था। नवंबर 2025 में उसे कुत्ते ने काट लिया था तब उसने चिकित्सकीय उपचार के बजाय जड़ी-बूटी से इलाज का रास्ता चुना और घाव ठीक होने पर लगा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन 15 मार्च को उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा।

डॉक्टरों ने क्या पुष्टी की ?

इसके बाद परिजन उसे रामानुजगंज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान सोमवार शाम को रमजीत की मौत हो गई। डॉक्टरों ने भी पुष्टी करते हुए बताया कि युवक की मौत रेबीज संक्रमण फैलने के कारण हुई है।

हर साल कितने लोगों की रेबीज से मौत होती है ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में रेबीज से होने वाली मौतों में से 36% अकेले भारत में होती हैं। हमारे देश में हर साल 18,000 से 20,000 लोग रेबीज से अपनी जान गँवाते हैं। इनमें से 30 से 60 प्रतिशत पीड़ित 15 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं, क्योंकि अक्सर उनके काटने की घटनाओं को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

रेबिज कैसे फैलता है ?

जब कोई रेबिज संक्रमित जानवर इंसानों को काट लेता है, तो उस जानवर की लार में मौजूद वायरस इंसानों में फैल जाता है। कभी-कभी रेबिज संक्रमित जानवर के खरोच मात्र से ही रेबिज फैल सकता है।

रेबीज के लक्षण क्या है ?

  • बुखार
  • घबराहट
  • पानी पीने में दिक्कत
  • सिरदर्द
  • बुरे सपने
  • बहुत ज़्यादा लार आना

रेबीज से बचने के उपाय क्या है ?

बता दें कि रेबीज को जड़ से खत्म करने के लिए कोई इलाज तो नहीं है पर डॉक्टर के मुताबिक कुछ ऐसे उपाय है, जिससे रेबीज को फैलने से रोका जा सकता है।

  • 1. टीकाकरण: रेबीज (Rabies) की बीमारी से बचाव के लिए आप कुत्तों और पालतु जानवरों का नियमित टीकाकरण जरुर कराएं। अगर किसी को संक्रमित जानवर ने काटा है तो उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) और रैबीज इम्यून ग्लोब्युलिन (RIG) लगवाना चाहिए।
  • 2. घाव की तुरंत सफाई: संक्रमित जानवरों के काटने या फिर खरोचने पर घाव को कम से कम 15 मीनट तक साबुन और साफ पानी से धोए।
  • 3. आवारा जानवरों से दूरी बना रखें: ध्यान रखें कि आप अवारा और संक्रमित जानवरों के संपर्क में न आएं।

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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