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Bilaspur High Court: CG के जेलों में ओवर क्राउड, अब एडीजी जेल को शपथ पत्र के साथ देनी होगी जानकारी

Bilaspur High Court: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर के हाई कोर्ट में जेलों की स्थिति को लेकर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई हो रही है। बीते सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीजी जेल को शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश करने कहा था। हाई कोर्ट ने अब एडीजी जेल को नोटिस जारी किया है। पढ़िए कोर्ट ने क्या कहा है।

Bilaspur High Court: CG के जेलों में ओवर क्राउड, अब एडीजी जेल को शपथ पत्र के साथ देनी होगी जानकारी
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By Radhakishan Sharma

Bilaspur High Court: बिलासपुर। जेलों में क्षमता से अधिक कैदी और उनके रहने की अमानवीय परिस्थितियों को लेकर जनहित याचिका पर बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीड़ी गुरु की डीविजन बेंच में सुनवाई हुई। आज डीजी जेल को शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश करनी थी। किसी कारणवश जानकारी नहीं दे पाए। डीविजन बेंच ने शासन को समय प्रदान करते हुए अब 5 नवंबर को अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है। इससे पहले जनहित याचिका पर अगस्त माह में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीजी जेल से शपथपत्र में जानकारी मांगी थी।

शपथ पत्र में डीजी जेल को ये देनी है जानकारी

0 सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रदेश की जेलों की व्यवस्था सुधारने के लिए अब तक क्या-क्या का व्यवस्था की गई है।

0 हाई कोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन

बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि पूर्व में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का पालन नहीं हो सका है। इसके बाद चीफ जस्टिस ने अतिरिक्त महानिदेशक जेल को शपथपत्र के साथ जेलों की सम्पूर्ण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसके लिए 6 सप्ताह का समय देते हुए 5 नवंबर को अगली सुनवाई तय कर दी है।

तीन याचिकाओं की एकसाथ हो रही सुनवाई

प्रदेश के केंद्रीय जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों की मौजूदगी को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके कुछ समय बाद जेलों में अमानवीय परिस्थितियों को लेकर भी एक और जनहित याचिका दायर की गईं। हाई कोर्ट के संज्ञान में भी कुछ माध्यमों से यह बात आई कि जेलों में कैदियों की स्थिति अच्छी नहीं है। इसे अदालत ने स्वयं पत्र याचिका के तौर पर स्वीकार किया। डिवीजन बेंच में एक साथ इन प्रकरणों की सुनवाई शुरू की गई है।

बेमेतरा में ओपन व रायपुर में विशेष जेल

हाई कोर्ट ने अधिवक्ता रणवीर मरहास को न्यायमित्र नियुक्त किया था। लगातार चल रही सुनवाई में पहले शासन ने बताया था कि, जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं को लेकर काम किया जा रहा है। रायपुर और बिलासपुर जिले में विशेष जेलों की स्थापना और बेमेतरा में खुली जेल शुरू करने की संभावना पर भी काम चल रहा है। सरकारी वकील ने कहा था कि रायपुर जिले में विशेष जेल हेतु भूमि मिल चुकी है। इसमें काम भी शुरू कर दिया गया है। बेमेतरा में भी एक खुली जेल की स्थापना की जा रही है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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