Google ने दी बड़ी चेतावनी! एक अरब से ज़्यादा Android फोन पर हैकिंग का खतरा
One Billion Android Phones at Security Risk News: Google ने Android यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। Android 12 या उससे पुराने वर्जन वाले फोन्स को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलेंगे। ऐसे में एक अरब (100 करोड़) से ज़्यादा Android फोन हैकिंग, मैलवेयर और डेटा चोरी के गंभीर खतरे में हैं।
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One Billion Android Phones at Security Risk: Google ने बड़ी चेतावनी दी है जो करोड़ों Android यूजर्स के लिए परेशानी की बात है। कंपनी ने कहा है कि Android 12 या पुराने वर्जन वाले फोन्स को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलेंगे। इसका सीधा मतलब है कि दुनियाभर में करीब 42 फीसदी Android फोन्स अब मैलवेयर और हैकिंग के खतरे में हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 58 फीसदी फोन्स पर Android 13 या नया वर्जन है। बाकी सब असुरक्षित हैं और इनकी तादाद एक अरब यानि 100 करोड़ से ज़्यादा है। 2021 या उससे पहले खरीदे गए फोन्स सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।
कौन से वर्जन सेफ हैं
Google सिर्फ चार वर्जन को अपडेट दे रहा है। Android 16 पर 7.5 फीसदी फोन्स हैं। Android 15 पर 19.3 फीसदी हैं। Android 14 पर 17.2 फीसदी और Android 13 पर 13.9 फीसदी फोन्स चल रहे हैं। बस इतने ही फोन्स को सिक्योरिटी पैच मिल रहे हैं। Android 12 पर 11.4 फीसदी, Android 11 पर 13.7 फीसदी और Android 10 पर 7.8 फीसदी फोन्स हैं। ये सभी वर्जन अब Google के सिक्योरिटी सपोर्ट से बाहर हो चुके हैं। यानी हर दस में से चार फोन्स पूरी तरह असुरक्षित हैं।
दिक्कत कहां है
ये समस्या नई नहीं है। Android का फ्रेगमेंटेशन प्रॉब्लम पुराना है। Google सॉफ्टवेयर बनाता है लेकिन अपडेट देने का काम Samsung, Xiaomi, Oppo, Vivo जैसी कंपनियों पर है। ये कंपनियां दो तीन साल बाद पुराने फोन्स को छोड़ देती हैं। Apple ऐसा नहीं करता। वो पुराने iPhones को भी सालों तक अपडेट देता रहता है। iOS 18 अभी भी 90 फीसदी iPhones पर चल रहा है जबकि Android में ये आंकड़ा बहुत कम है। यही वजह है कि Android यूजर्स ज़्यादा खतरे में हैं।
अपना फोन कैसे चेक करें
ये जानना बहुत आसान है कि आपका फोन सेफ है या नहीं।
▪︎ सबसे पहले आप फोन के Settings में जाइए।
▪︎ फिर About Phone पर टैप कीजिए।
▪︎ वहां Android Version दिखेगा।
▪︎ अगर 12 या पुराना है और अपग्रेड नहीं हो रहा तो समझ लीजिए कि अब आपको सिक्योरिटी पैच नहीं मिलेंगे।
▪︎ Security Patch Date भी चेक कीजिए जो बताएगी कि आखिरी अपडेट कब आया था।
▪︎ अगर पैच डेट छह महीने से पुरानी है तो आपका फोन रिस्क में है।
Google ने क्या कहा
Google ने साफ कहा है कि अगर फोन Android 12 से आगे नहीं जा सकता तो उसे बदल दीजिए। महंगा फोन लेने की जरूरत नहीं है। कोई भी मिड रेंज फोन जिसमें Android 13 या नया वर्जन हो वो काफी है। Play Protect पुराने फोन्स पर काम करता है लेकिन सिस्टम लेवल सिक्योरिटी की जगह नहीं ले सकता। Google के स्पोकपर्सन ने Forbes को बताया कि Play Protect मैलवेयर स्कैनिंग करता है लेकिन ये सिक्योरिटी पैच का विकल्प नहीं है। पुराने फोन पर सोफिस्टिकेटेड अटैक्स रोकना मुश्किल है।
खतरा क्या है
अगर आप पुराने Android फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो खतरा सिर्फ फोन तक सीमित नहीं है। ऐसे फोन पर अटैक हुआ तो आपके पासवर्ड चोरी हो सकते हैं, बैंकिंग और पेमेंट ऐप्स हैक हो सकती हैं और OTP तक इंटरसेप्ट किया जा सकता है। इसका असर सीधे आपके अकाउंट और पैसे पर पड़ सकता है। हैकर्स आपके मैसेज पढ़ सकते हैं, निजी डेटा चुरा सकते हैं और ट्रेडिंग ऐप्स को भी निशाना बना सकते हैं। अब फैसला आपके हाथ में है, पुराने फोन के साथ रिस्क लेना है या अपग्रेड करके खुद को सुरक्षित रखना है। Google अपनी चेतावनी साफ कर चुका है।