Zoho Founder Divorce: शादी के 30 सालो बाद होने जा रहा जोहो फाउंडर का तलाक, जो देश का सबसे मंहगा तलाक होगा, जिसकी हो रही हर तरफ चर्चा
Zoho Founder Divorce: शादी के 30 सालो बाद जोहो फाउंडर का तलाक होने वाला है। जो देश का सबसे मंहगा तलाक होगा, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
Zoho Founder Divorce: नई दिल्ली । शादी के 30 सालो बाद जोहो फाउंडर का तलाक होने वाला है। जो देश का सबसे मंहगा तलाक होगा, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। जोहो (Zoho) के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू और प्रमिला की 1993 में शादी हुई थी। और अब इतने लाडले समय के बाद दोनो ने अलग होने का फैसला लिया है। उन्होंने 2021 में तलक के लिए अर्जी दी थी। जिसमे अब फैसला होने जा रहा है। उन्हें 1.7 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) का बॉन्ड देना होगा।
जोहो (Zoho) के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच चल रहा तलाक का मामला इस समय सुर्खियों में है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने हाल ही में उन्हें 1.7 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। इसे भारत के अब तक के सबसे महंगे तलाक के मामलों में से एक माना जा रहा है।
जाने पूरे मामले को
1. कोर्ट ने बॉन्ड का आदेश क्यों दिया?
संपत्ति छिपाने का आरोप: प्रमिला श्रीनिवासन ने आरोप लगाया था कि श्रीधर वेम्बू ने उनकी जानकारी के बिना जोहो के शेयरों और बौद्धिक संपदा (IP) को गुपचुप तरीके से अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम ट्रांसफर कर दिया।
पारदर्शिता की कमी:
कोर्ट ने पाया कि वेम्बू ने वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता नहीं बरती और तलाक की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी संपत्ति का ट्रांसफर किया, जो कानूनी आदेशों का उल्लंघन था।
सुरक्षा के लिए बॉन्ड:
अदालत ने यह भारी-भरकम बॉन्ड इसलिए मांगा है ताकि भविष्य में अगर कोर्ट प्रमिला के पक्ष में कोई फैसला सुनाता है, तो उसकी भरपाई सुनिश्चित की जा सके।
2. विवाद की मुख्य जड़
कैलिफोर्निया का कानून: अमेरिका के कैलिफोर्निया में "कम्युनिटी प्रॉपर्टी" कानून लागू है। इसके तहत शादी के दौरान बनाई गई किसी भी संपत्ति पर पति और पत्नी दोनों का 50-50% हक होता है।
शेयरों का बंटवारा:
प्रमिला का दावा है कि श्रीधर ने अपनी हिस्सेदारी को कागजों पर कम (सिर्फ 5%) दिखाया है, जबकि उन्होंने जोहो को उनके साथ मिलकर खड़ा किया था।
श्रीधर वेम्बू का पक्ष
वकील का बयान: वेम्बू के वकील क्रिस्टोफर सी. मेल्चर ने इस आदेश को "अमान्य" और "बेतुका" बताया है। उनका कहना है कि जज को गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया है।
स्वैच्छिक प्रस्ताव: वकील के अनुसार, श्रीधर ने पहले ही अपनी पत्नी को कंपनी के 50% शेयरों का ऑफर दिया था और अपना घर भी उनके नाम कर दिया है, लेकिन प्रमिला ने उसे स्वीकार नहीं किया। इस आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की गई है।
मामले का बैकग्राउंड
- श्रीधर और प्रमिला की शादी 1993 में हुई थी और वे करीब 30 साल तक अमेरिका में रहे।
- उनका एक बेटा है जो ऑटिज्म (Autism) से ग्रसित है।
- श्रीधर वेम्बू 2019 में अमेरिका छोड़कर भारत (तमिलनाडु के एक गाँव) आ गए थे और 2021 में उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी थी।