Ram Lala Jagriti Aarti Live : अयोध्या से राम मंदिर लाइव : आज जागृति आरती में प्रभु रामलला का हुआ अलौकिक श्रृंगार, घर बैठे आप भी करें दर्शन
Ram Lala Jagriti Aarti Live : तड़के ब्रह्म मुहूर्त में, जब पूरी अयोध्या नगरी जय श्री राम के जयकारों से गुंजायमान थी, तब प्रभु श्री रामलला को जगाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
Ram Lala Jagriti Aarti Live : अयोध्या से राम मंदिर लाइव : आज जागृति आरती में प्रभु रामलला का हुआ अलौकिक श्रृंगार, घर बैठे आप भी करें दर्शन
Ram Lala Jagriti Aarti Live 6 January 2026 : अयोध्या : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आज की सुबह एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव लेकर आई। तड़के ब्रह्म मुहूर्त में, जब पूरी अयोध्या नगरी जय श्री राम के जयकारों से गुंजायमान थी, तब प्रभु श्री रामलला को जगाने की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्य पुजारी द्वारा गर्भगृह में प्रवेश कर सबसे पहले मधुर मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ प्रभु को निद्रा से जगाया गया। चांदी की घंटी की मधुर ध्वनि के बीच रामलला को जगाने का यह दृश्य ऐसा था मानो साक्षात त्रेतायुग की अयोध्या जीवित हो उठी हो।
Ram Lala Jagriti Aarti Live 6 January 2026 : बाल स्वरूप का दिव्य स्नान और पंचामृत अभिषेक प्रभु को जागृत करने के उपरांत, उनके बाल स्वरूप का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। सरयू जल, गंगाजल और पंचामृत दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से प्रभु का स्नान संपन्न हुआ। आज के अभिषेक में ताजे गुलाब और केवड़े के जल का उपयोग किया गया, जिससे पूरा गर्भगृह सुगंधित हो उठा। अभिषेक के पश्चात प्रभु को अत्यंत कोमल अंगवस्त्र धारण कराए गए, जो उनकी सौम्यता और दिव्यता को और बढ़ा रहे थे।
आज का राजसी श्रृंगार और मंगला दर्शन
अभिषेक के बाद रामलला का राजसी श्रृंगार किया गया। आज प्रभु को स्वर्ण जड़ित मुकुट, कौस्तुभ मणि और वैजयंती माला से सजाया गया। उनके मस्तक पर लगे चंदन के तिलक और उनकी मंद मुस्कान ने भक्तों का मन मोह लिया। इस जागृति आरती (मंगला आरती) के दौरान जब पहली बार मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुले, तो प्रभु के इस मंगलकारी स्वरूप के दर्शन पाकर श्रद्धालु भावुक हो गए। आज का श्रृंगार विशेष रूप से ऋतु अनुकूल कोमल रेशमी वस्त्रों से किया गया था।
मंगला आरती और छप्पन भोग का नैवेद्य
जागरण के पश्चात प्रभु की पहली मुख्य आरती, यानी मंगला आरती की गई। घी के दीपों और कपूर की दिव्य लौ के साथ पुजारियों ने प्रभु की आरती उतारी। आज बाल स्वरूप रामलला को बाल-भोग में माखन-मिश्री, ताजे फल और विशेष सूखे मेवों का नैवेद्य अर्पित किया गया। आरती के दौरान बजने वाले नगाड़ों और झांझ-मंजीरों ने एक ऐसा वातावरण निर्मित किया जिसमें हर भक्त भक्ति के सागर में डूबा नजर आया। अंत में, सभी भक्तों को चरणामृत और प्रसाद वितरित किया गया।
अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और प्रशासन ने बेहद सुगम और अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की हैं। आज 6 जनवरी को भी भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम हैं
श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्थाएँ
नि:शुल्क सुगम दर्शन और समय: राम मंदिर के पट सामान्य दर्शन के लिए सुबह 6:30 से 7:00 बजे के बीच खुल जाते हैं और रात 9:30 बजे तक दर्शन जारी रहते हैं। ट्रस्ट ने सुनिश्चित किया है कि सामान्य कतार में लगने वाले भक्त को भी 60 से 75 मिनट के भीतर प्रभु के दर्शन हो जाएं।
निशुल्क लॉकर और जूता स्टैंड : मंदिर परिसर के बाहर विशाल पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर (PFC) बनाया गया है। यहाँ दर्शनार्थियों के लिए अपना मोबाइल, जूते-चप्पल और कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए हजारों की संख्या में निशुल्क लॉकर उपलब्ध कराए गए हैं।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर: चलने में असमर्थ वृद्धों और दिव्यांगों के लिए मंदिर परिसर में निशुल्क व्हीलचेयर की व्यवस्था है। इसके साथ ही सहायता के लिए प्रशिक्षित वालंटियर्स भी तैनात रहते हैं, ताकि उन्हें गर्भगृह तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो।
ठंड से बचाव के इंतजाम: जनवरी की कड़ाके की ठंड को देखते हुए, कतारों में खड़े भक्तों के लिए जगह-जगह मैट बिछाए गए हैं और कुछ क्षेत्रों में हीटर व गर्म पानी की व्यवस्था भी की गई है। भक्तों को सलाह दी जा रही है कि वे भारी ऊनी कपड़े पहनकर ही आएं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आरती पास: मंगला आरती, श्रृंगार आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए ट्रस्ट की वेबसाइट से निशुल्क पास बुक किए जा सकते हैं। जिन भक्तों के पास पास नहीं है, वे मंदिर के पास बने हेल्प डेस्क से उपलब्धता के आधार पर ऑफलाइन पास भी प्राप्त कर सकते हैं।
सुरक्षा और सहायता केंद्र
पूरे राम जन्मभूमि मार्ग पर जगह-जगह मेडिकल बूथ और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर जांच की जाती है, लेकिन यह प्रक्रिया इतनी तेज है कि भक्तों को ज्यादा समय तक रुकना नहीं पड़ता। जगह-जगह पीने के साफ पानी की व्यवस्था और बैठने के लिए बेंच भी लगाई गई हैं।