Chandu Champion Review Hindi: कार्तिक आर्यन और कबीर खान की जोड़ी ने बनाई धमाकेदार बायोपिक, जानिए कैसी है कबीर खान की फिल्म?

Chandu Champion Review: कार्तिक आर्यन और कबीर खान की फिल्म 'चंदू चैंपियन' का इंतजार दर्शकों को बेसब्री से था। यह फिल्म भारत के पहले पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है।

Update: 2024-06-14 12:16 GMT

Chandu Champion Review: कार्तिक आर्यन और कबीर खान की फिल्म 'चंदू चैंपियन' का इंतजार दर्शकों को बेसब्री से था। यह फिल्म भारत के पहले पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है। क्या कार्तिक आर्यन ने मुरलीकांत के किरदार के साथ न्याय किया है और कबीर खान ने निर्देशन में क्या कमाल दिखाया है, जानने के लिए NPG पर पढ़ें रिव्यू।

कैसी है 'चंदू चैंपियन' की कहानी?

फिल्म की कहानी मुरली (कार्तिक आर्यन) से शुरू होती है, जो महाराष्ट्र के सांगली के एक गांव में अपने परिवार के साथ रहता है। मुरली के मन में ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीतने का जुनून सवार हो जाता है, जिसके लिए वह पहलवानी में खुद को झोंक देता है। लेकिन, एक हादसे के बाद उसे गांव छोड़कर भागना पड़ता है और उसकी जिंदगी एक नया मोड़ लेती है जब वह सेना में भर्ती हो जाता है। सेना में रहते हुए भी उसका सपना गोल्ड मैडल जीतने का रहता है, जिसे पूरा करने के लिए अली सर (विजय राज) उसकी मदद करते हैं।

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अदाकारी में कितना है दम?

कार्तिक आर्यन ने मुरलीकांत पेटकर के किरदार में काफी मेहनत की है। हालांकि, मराठी लहजे और भाषा में वह पूरी तरह से फिट नहीं हो पाए हैं। उनकी एक्टिंग में सुधार देखा जा सकता है, लेकिन मुरली के किरदार में वह पूरी तरह से खरे नहीं उतरते। वृद्ध मुरली के किरदार में वह बस बाल और दाढ़ी-मूंछ सफेद करके आ गए हैं, जो कि प्रभावी नहीं लगता। विजय राज ने अली के किरदार में शानदार प्रदर्शन किया है और उनकी डायलॉग डिलीवरी भी कमाल की है। राजपाल यादव ने भी छोटे किरदार में बड़ा धमाका किया है।

डायरेक्शन और कहानी

फिल्म की आत्मा उसकी कहानी और डायरेक्शन होती है। मुरलीकांत की कहानी बेहद प्रेरणात्मक है, लेकिन कमजोर डायरेक्शन की वजह से फिल्म उस स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। फिल्म का स्क्रीनप्ले ढीला है, खासकर सेकंड हाफ काफी उबाऊ है। वॉर और फाइट सीन्स में भी वह मैजिक नहीं है जिसकी उम्मीद की गई थी। फिल्म के गाने भी थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद नहीं रहते, हालांकि बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है।

अगर आप प्रेरणात्मक कहानियों को बड़े पर्दे पर देखने का शौक रखते हैं, तो 'चंदू चैंपियन' को एक बार जरूर देखें। अगर आपके पास धैर्य है, तो ओटीटी पर आने का इंतजार कर सकते हैं। कार्तिक आर्यन के फैंस के लिए यह फिल्म जरूर देखी जाने वाली है।

'चंदू चैंपियन' एक प्रेरणात्मक बायोपिक है, जिसमें कार्तिक आर्यन ने मेहनत की है, लेकिन डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले में कुछ कमियां रह गई हैं। फिर भी, यह फिल्म मुरलीकांत पेटकर की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाने में सफल रही है।



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