Bollywood news: मां बंगाली, पिता जर्मन फिर भी ये खूबसूरत एक्ट्रेस लगाती हैं मुस्लिम सरनेम, जानिए क्या है इसके पीछे का राज...
बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस दिया मिर्जा 9 दिसम्बर को अपना जन्मदिन मनाती हैं। अब फिल्मों में भले ही उनकी मौजूदगी काम हो रही हो लेकिन उनके चाहने वालों की आज भी बेहद लंबी है। वही के बाद भी एक्ट्रेस अपनी खूबसूरती और चेहरे की मीठी मुस्कान से फैंस का दिल लूट लेती हैं। एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में संघर्ष किया ही है उनकी निजी जिंदगी भी आसान नहीं रही है। अभिनेत्री की माँ बंगाली और पिता जर्मन हैं ,लेकिन वह इसके बावजूद अपना सरनेम मिर्जा लगाती हैं जानते हैं आखिर क्या है इसके पीछे की वजह और अभिनेत्री की जिंदगी से जुड़ी खास बातें...
दिया मिर्जा ने अपनी पहली फिल्म 'रहना है तेरे दिल में 'से ही दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना ली थी। और आज भी लोग उन्हें इस फिल्म की लोकप्रिय एक्ट्रेस के नाम से ही जानते हैं। इस फिल्म के बाद दिया मिर्जा ने कई और फिल्मों जैसे 'दीवानापन' ,तुमको न भूल पाएंगे', 'लगे रो मुन्नाभाई' , 'परिणीता', 'संजू',में भी नजर आई हैं। दिया मिर्जा दिखने में बिलकुल अपनी माँ की परछाई हैं, और उन्होंने अपनी जिंदगी में अपनी माँ की तरह ही कई बोल्ड निर्णय भी लिए हैं।
बतौर मार्केटिंग से शुरू किया करियर
दिया मिर्जा ने बतौर मार्केटिंग से अपना करियर की शुरुवात किया। ग्रेजुएशन और अपनी जॉब के साथ -साथ ही वह मॉडलिंग भी करने लगी थी। दिया ने कई ब्यूटी कंटेस्ट में हिस्सा लिया लेकिन इस बीच उनका ग्रेजुएशन कहीं पीछे न छूट गया। साल 2000 में 18 साल की उम्र में दीया ने मिस एशिया पेसिफिक इंटरनेशनल का खिताब जीता। यह वहीं साल था जब प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड और लारा दत्ता ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीता।
क्यों मुस्लिम सरनेम लगाती हैं दिया मिर्जा
अभिनेत्री दिया मिर्जा की माँ बंगाली हिन्दू हैं जबकि उनके पिता फेंक हैडरिच जर्मन , ईसाई हैं लेकिन उनके माता -पिता का तलाक हो गया उस समय दिया मिर्जा की उम्र 4 साल की थी । एक्ट्रेस की माँ ने हैदराबाद के ही रहने वाले अहमद मिर्जा से दूसरी शादी कर ली। उनकी माँ के दूसरे पति अहमद मिर्जा ने भी दिया मिर्जा को दिल से अपनाया और अभिनेत्री को भी उनसे काफी लगाव रखती हैं, इसी वजह से दीया मिर्जा ने अपने नाम के आगे मिर्जा सरनेम लगाना शुरू कर दिया।