Karmchari Chayan Mandal: खुशखबरी: व्यापम बंद, कर्मचारी चयन मंडल पर लगी मुहर, युवाओं के लिए बड़ी सौगात
Karmchari Chayan Mandal: राज्य सरकार ने युवाओं को बड़ी खुशखबरी के साथ ही राहत दी है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समबद्ध बनाने के लिए राज्य सरकारी ने व्यापमं को भंग कर कर्मचारी चयन मंडल का गठन कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना हमारी प्राथमिकता है। युवाओं को निष्पक्ष और विश्वसनीय भर्ती प्रणाली देना सरकार का लक्ष्य है। अब नियमित और सुव्यवस्थित तरीके से भर्ती प्रक्रिया की जाएगी।
Karmchari Chayan Mandal: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को पारित किया गया। इस कानून के माध्यम से राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना की जाएगी।
विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित भर्ती प्रणाली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और विश्वसनीय बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न विभागों में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और इसे अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत भर्ती परीक्षाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
भर्तियों के लिए जारी होगा नियमित कैलेंडर
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल के गठन के बाद राज्य में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के लिए नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को समयबद्ध तैयारी में सुविधा होगी। साथ ही, सभी प्रमुख परीक्षाओं को निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग समय पर भर्तियां निकालने से अभ्यर्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग आवेदन और चयन प्रक्रियाओं के कारण समय, संसाधन और प्रयास की अधिक आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा और प्रक्रिया अधिक सरल व सुव्यवस्थित बनेगी।
कर्मचारी चयन मंडल विभिन्न विभागों, वैधानिक निकायों, मंडलों, प्राधिकरणों एवं अन्य संस्थानों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा। साथ ही, आवश्यकता अनुसार संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान भी रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को एक समान चयन प्रणाली के आधार पर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा प्रबंधन में भी दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
ऐसे होगा मंडल का गठन
मंडल में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मंडल को यह अधिकार होगा कि वह चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार एजेंसियों की सेवाएं ले सके। इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद बनेगी तथा योग्य अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक सुदृढ़ और प्रभावी भर्ती प्रणाली स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।