Ex Home Minister Nanki Ram Kanwar: पूर्व गृहमंत्री की चीफ सिकरेट्री को पत्र, PWD के सीई के खिलाफ सीबीआई जांच को लेकर लिखी चिटठी...

Ex Home Minister Nanki Ram Kanwar: पूर्व गृह मंत्री ने मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विजय कुमार भतपहरी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पूर्व गृह मंत्री की चिट्ठी ने एक बार फिर हलचल मचा दी है।

Update: 2026-02-06 13:40 GMT

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

06 फरवरी 2026|रायपुर। पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर की चिट्ठी एक बार फिर सत्ता और भाजपा संगठन के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बार पूर्व गृह मंत्री ने मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विजय कुमार भतपहरी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

पूर्व गृह मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है, विजय कुमार भतपहरी ने लोक निर्माण विभाग के विभिन्न पदों पर रहते हुए भारी भ्रष्टाचार किया है, जिसके कारण लोक निर्माण विभाग एवं शासन की छवि खराब हुई है। अपने चहेते ठेकेदारों को नियम विरूद्ध तरीके से लाभ पहुंचाकर भ्रष्टाचार (कमिशनखोरी) करने को लेकर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटीकरप्शन ब्यूरो रायपुर व लोक निर्माण विभाग में शिकायतें एवं अपराध पंजीबद्ध है। राजनीतिक पहुंच व काली कमाई के बल पर सभी जांच एवं दर्ज आपराधिक मामलों पर कार्यवाही नहीं होने दिया जाता है।


 ACB व EOW में मामले दर्ज

विजय कुमार भतपहरी प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग के विरूद्ध वर्ष 2011 एवं 2015 में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटीकरप्शन ब्यूरो रायपुर के अपराध कमांक 56/2011 की धारा 26 (1) 13 (1) ई 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत पंजीबद्ध किया गया था इसी प्रकार वर्ष 2015 में अपराध कमांक 45/2015 धारा 420, 120 बी, भा.द.वि. 13 (1) डी 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। परंतु राजनीतिक पहुंच के चलते उपरोक्त मामलों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, उन्हें लंबित रखा गया।

जांच में4.37 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की हुई थी पुष्टि,अब तक जांच है लंबित

लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2007 की स्थिति में अधीक्षण अभियंता सिविल की रिव्यू डीपीसी आयोग द्वारा कराये जाने हेतु 27 दिसंबर 2010 को तिथि प्राप्त कर चुका है, एवं पूर्व वर्षों में सम्पन्न डी.पी.सी. की बैठकों में कई भ्रष्ट अधिकारियों को पदोन्नति देने के लाभ से उनके विरूद्ध संस्थित महत्वपूर्ण प्रकरणों को छिपाया जाता है। संघ द्वारा संबंध में बार-बार आयोग एवं प्रशासकीय विभाग को जानकारी दी जाती रही है, लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, जिससे विभाग में पदस्थ अन्य अभियंताओं में आयोग, के कार्यप्रणाली पर विश्वसनीयता खत्म हो रही है। उदाहरणार्थ वीके. भतपहरी जो वर्तमान में मुख्य अभियंता (सेतु) के पद पर पदस्थ है,इनकी नियुक्ति विशेष भर्ती अभियान के अन्तर्गत 1992 में लोक निर्माण विभाग सहायक यंत्री के रूप में की गई थी। वर्ष 2003 में तदर्थ पदोन्नति देते हुए कार्यपालन अभियंता के पद पर राजनांदगांव संभाग में पदस्थापना के दौरान मानपुर, संबलपुर मार्ग 51 कि.मी. के निर्माण में प्रशासकीय स्वीकृत 695.94 लाख के विरूद्ध निविदा आमंत्रित किया गया था, इसके विरूद्ध लगभग 10 करोड़ रूपये के भुगतान भतपहरी के द्वारा किये गये थे, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री किए जाने पर प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के अन्तर्गत कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) को जांच किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था।

कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (संतर्कता) द्वारा अपने पत्र कमांक-2354/ शिका. 06/2005-06/लो.नि.वि./ रायपुर 04 जुलाई 2006 को जांच प्रतिवेदन प्रशासकीय विभाग को देकर गम्भीर आरोप प्रमाणित किये थे कि राजनांदगांव संभाग में 4.37 करोड़ रूपये स्वीकृत राशि से अधिक खर्च किये गये हैं, तथा राजनांदगांव संभाग की तीन माह पुस्तिका का गुम जाना गम्भीर प्रतीत होता है। संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु संगठन द्वारा लिखा गया था।

पूर्व गृह मंत्री ने सीएस से सीबीआई जांच कराने की मांग और ये लिखा

पूर्व गृहमंत्री कंवर ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में विजय कुमार भतपहरी प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को उनके पद से हटाकर उनके विरूद्ध लोक निर्माण विभाग एवं राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटीकरप्शन ब्यूरो रायपुर में लंबित मामले व नियम विरूद्ध तरीके से ठेकेदारों को लाभ पहुंचाकर लोक निर्माण विभाग को नुकसान पहुंचाए गए नुकसान की वसूली के साथ ही पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग की है।

Tags:    

Similar News