CG News: देश का भरोसेमंद इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन ’छत्तीसगढ़’, विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों से राज्य को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
CG News: नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है
CG News: छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है।
हाल ही में आयोजित ’एनर्जी समिट’ में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।
उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार
छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इन्वेस्टर कनेक्ट में मिले निवेश प्रस्ताव
राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव
0 ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
0 आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।
0 एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।
0 आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।
0 जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन
0 अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
0 मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।
0 हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, तेलंगाना द्वारा वेलनेस रिसॉर्ट एवं शिक्षा केंद्र हेतु ₹200 करोड़ निवेश
0 विद्या इन, जशपुर द्वारा 52 कमरों के होटल हेतु ₹25 करोड़ निवेश
0 पीएसए रिज़ॉर्ट, जगदलपुर द्वारा 150 कमरों के एडवेंचर होटल एवं रिसॉर्ट हेतु ₹60 करोड़ निवेश, जिससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी। यह जशपुर हॉल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा अपने सांसद निधि से निर्मित कराया गया था। उन्होंने इस स्मृति का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा को नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने विज़न डॉक्यूमेंट के निर्माण के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह दस्तावेज तैयार हुआ है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके प्रयासों से भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है। उनके अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण बनाये हैं। हमने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय अवधि तय की है। जैसे वर्ष 2030 तक हम निकटवर्ती लक्ष्य हासिल करेंगे। इसी तरह साल 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करेंगे।
अंजोर विजन में 13 क्षेत्रों को किया गया चिन्हांकित
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसे तैयार करने के लिए हमने किसान, युवा, महिला, उद्यमी, कारोबारी समेत समाज के हर वर्ग से सुझाव मांगे। मुझे स्वयं उनसे प्रत्यक्ष बातचीत करने का मौका मिला। इस अंजोर विजन में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना जैसे 13 क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकलए एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकल, एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है।
8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
सीएम साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गाे सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी सरकार 2 साल में 10 हजार से ज्यादा बेटी बेटा को सरकारी नौकरी दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है।