5 हजार मुर्गा-मुर्गियों की मौत! CG के सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की आशंका, बड़े पैमाने पर मौत के बाद मचा हड़कंप
CG News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सरकारी पोल्ट्री फार्म में पांच हजार के करीब मुर्गा-मुर्गियों की मौत के बाद पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। अफसर बर्ड फ्लू की आशंका जता रहे हैं। बहरहाल आज टीम इसकी जांच के लिए पोल्ट्री फार्म पहुंच रही है।
इमेज सोर्स- NPG News
बिलासपुर। 24 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर के कोनी में शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र है। यहां पांच हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की बीते पांच दिनों के भीतर मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से राजधानी रायपुर तक हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए सैंपल भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर सरकारी पोल्ट्री फार्म को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए रायपुर से एक टीम आज बिलासपुर पहुंच रही है।
सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गा व मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। बिलासपुर जिले के किसानों की सुविधा के लिए कोनी में शासकीय पोल्ट्री फार्म स्थापित किए गए हैं। बिलासपुर के कोनी स्थित इस कुक्कुट परिसर में छह हजार से अधिक विभिन्न नस्लों के मुर्गा-मुर्गियों का प्रजनन और पालन किया जाता है।
जानिए कब से शुरू हुआ मौत का सिलसिला
बीते 18 मार्च से शेड में रखे मुर्गा-मुर्गियों की मौत शुरू हुई और धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। बीते पांच दिनों में पांच हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। शुरुआती दिनों में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा. संजय राज ने मामले को दबाए रखा, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ने पर उन्होंने संयुक्त संचालक डा. जीएसएस तंवर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल को पूरी घटना से अवगत कराया गया।
आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
बीते पांच दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति ब गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे।
जांच के लिए सैंपल भेजेंगे भोपाल
सरकारी पोल्ट्री फार्म में बड़े तादाद में मुर्गा-मुर्गियों की मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आज सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी।
पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील
मुर्गा-मुर्गियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा।
प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर
इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। मुर्गों की मौत का सिलसिला 18 मार्च से शुरू हो गया था। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।
रायगढ़ की घटना से भी नहीं बरती सतर्कता
बता दें, फरवरी 2025 की शुरुआत में चक्रधर नगर के सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5 एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इस वजह से एहतियात के तौर पर लगभग 5,000 मुर्गियां, 12,000 चूजे और 17,000 अंडे नष्ट कर दिए गए थे। प्रशासन ने एक किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित और 10 किमी को सर्विलांस जोन घोषित कर पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था।
डॉ. केके ध्रुव, अपर संचालक पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर का कहना है, बिलासपुर के कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में मुर्गा व मुर्गियों की मौत की सूचना मिली है। राज्य से एक टीम जांच के लिए बिलासपुर जाएगी। जांच के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी।