Bilaspur High Court News: आवारा आतंक से दहला स्कूल, हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को जारी किया नोटिस, स्कूल कैंपस में आवारा कुत्तों का आतंक

Bilaspur High Court: सुप्रीम कोर्ट और बिलासपुर हाई कोर्ट के लगातार निर्देश के बाद भी स्कूल कैंपस में आवारा कुत्तों को भगाने का शासन स्तर पर व्यवस्था नहीं की गई है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के एक सरकारी स्कूल में आवारा कुत्तों ने छात्र और शिक्षिका को काट दिया। हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग के सचिव को इस बात की भी जानकारी देने कहा है,बीते सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों का कितना पालन किया गया है।

Update: 2026-01-06 04:58 GMT

School Shiksha Vibhag Ke Sachiv Ko Notice: बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट और बिलासपुर हाई कोर्ट के लगातार निर्देश के बाद भी स्कूल कैंपस में आवारा कुत्तों को भगाने का शासन स्तर पर व्यवस्था नहीं की गई है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के खमतराई स्थित सरकारी स्कूल में आवारा कुत्तों ने छात्र और शिक्षिका को काट दिया। हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग के सचिव को इस बात की भी जानकारी देने कहा है,बीते सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों का कितना पालन किया गया है। स्कूल शिक्षा सचिव को 9 जनवरी से पहले शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करना होगा। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने 9 जनवरी की तिथि तय कर दी है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र देने का आदेश दिया है। बिलासपुर के खमतराई के प्राइमरी स्कूल में आवारा कुत्तों का झुंड घुस गया था। आपस मे लड़ते-लड़ते ये बच्चों के पास पहुंच गए। सबसे पहले एक छात्र को कुत्तों ने शिकार बनाया इसके बाद दो शिक्षिकाओं को भी कुत्तों ने बुरी तरह काट दिया। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाई कोर्ट ने राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ताओं से पूछा कि लगातार इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही है। इस तरह की घटनाओं के रोकथाम के लिए उपाय क्यों नहीं किए जा रहे हैं। डिवीजन बेंच ने राज्य शासन से यह भी पूछा है कि बीते सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों का किस स्तर पर पालन किया गया है।

हेड मास्टर व प्रिंसिपल को दी गई है जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों व जानवारों को भगाने की जिम्मेदारी हेड मास्टर व प्राचार्यों को दी है। जारी आदेश में साफ लिखा है कि कैम्पस के भीतर आवारा कुत्तों या जानवारों को भगाने व उसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी उनकी होगी। हेड मास्टर व प्राचार्यों को इसका आंकड़ा भी रखना होगा। राज्य शासन ने सरकारी स्कूलों के अलावा निजी स्कूल संचालकों को भी इस तरह का निर्देश जारी किया है। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के अलावा महाविद्यालयों को भी अदालतों के आदेश का हवाला देते हुए निर्देश जारी किया गया है।

Tags:    

Similar News