Stock Market Today: शेयर बाजार में गिरावट जारी, Sensex-Nifty में गिरावट, इन 4 वजहों से बिगड़ा निवेशकों का मूड

Stock Market Today: 23 जनवरी को शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली हावी रही। Sensex और Nifty में गिरावट के पीछे FII की बिक्री, कमजोर नतीजे, कच्चा तेल और जियो पॉलिटिकल टेंशन बड़ी वजहें रहीं।

Update: 2026-01-23 08:08 GMT

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का सिलसिला आज भी जारी है। 23 जनवरी के कारोबार में निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर नजर आया साथ ही प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच बाजार पर कई मोर्चों से दबाव बना हुआ है।

कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 360 अंकों की गिरावट के साथ 81,947.52 के स्तर तक फिसल गया। वहीं Nifty 50 77.65 अंक टूटकर 25,213.15 के आसपास ट्रेड करता दिखा।

1. FIIs की लगातार बिकवाली

बाजार की धारणा को कमजोर बनाए रखने में विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। गुरुवार को FIIs ने करीब 2549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जनवरी में यह लगातार 13वां दिन था जब FII शुद्ध रूप से बिकवाल रहे। इस पूरे महीने में सिर्फ 2 जनवरी को ही FIIs ने शुद्ध खरीदारी की थी।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि FII का रुख आगे चलकर भारतीय कंपनियों की कॉरपोरेट कमाई पर निर्भर करेगा। जब तक कमाई में मजबूत और टिकाऊ बढ़ोतरी नहीं दिखती तब तक विदेशी निवेश की वापसी मुश्किल मानी जा रही है।

2. कमजोर तिमाही नतीजों का असर

बाजार पर दबाव बढ़ाने में बड़ी कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों ने भी भूमिका निभाई। ICICI Bank और HCL Technologies जैसी दिग्गज कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया और बाजार की धारणा और नकारात्मक हो गई।

3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में आई बढ़त ने भी शेयर बाजार की चाल को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 0.8% बढ़कर 64.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ा सकता है जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।

4. जियो पॉलिटिकल टेंशन से अनिश्चितता

वैश्विक स्तर पर जियो पॉलिटिकल टेंशन भी निवेशकों को सतर्क कर रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर रुख में नरमी जरूर दिखी है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में खटास पैदा की है।

रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप की पहले की धमकियों से यूरोप का अमेरिका के साथ पारंपरिक रिश्तों पर भरोसा कमजोर हुआ है, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

मौजूदा हालात में बाजार का रुख उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। एक्सपर्ट्स निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी निवेश से पहले सलाह लेने की एडवाइस दे रहे हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

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