Share Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा! जानें गिरावट की 4 बड़ी वजहें

Share Market Crash Today: ईरान-इजरायल तनाव के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स-निफ्टी टूटने से निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा। जानें गिरावट के 4 बड़े कारण।

Update: 2026-03-02 12:10 GMT

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। सोमवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर जैसे 'ब्लैक मंडे' का साया मंडराने लगा। ईरान और इजरायल के बीच छिड़े महायुद्ध की खबरों ने निवेशकों के आत्मविश्वास को इस कदर हिलाया कि देखते ही देखते मार्केट कैप से करीब 10 लाख करोड़ रुपये भाप बनकर उड़ गए। सेंसेक्स में 1,800 अंकों से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट ने रिटेल निवेशकों की नींद उड़ा दी है।

आखिर क्यों टूटा बाजार?

बाजार में आई इस सुनामी के पीछे कोई एक कारण नहीं बल्कि चार बड़े वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का तनाव है जहां अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान और इजरायल सीधे युद्ध के मैदान में आमने-सामने हैं। इस युद्ध की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 6 परसेंट का तगड़ा उछाल आया है जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

दूसरी तरफ भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर यानी 91 रुपये के पार निकल गया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी इस अनिश्चितता के माहौल में भारतीय बाजार से अपना हाथ खींचना शुरू कर दिया है और लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इन कारणों ने मिलकर बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह निगेटिव कर दिया है।

डिफेंस शेयरों में हरियाली, ऑटो और ऑयल बेहाल

जब पूरा बाजार लाल निशान में गोता लगा रहा था, तब केवल डिफेंस सेक्टर के शेयरों में थोड़ी चमक दिखाई दी। युद्ध की खबरों के बीच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे शेयरों में खरीदारी देखी गई। इसके उलट मारुति सुजुकी, इंडिगो और एलएंडटी (L&T) जैसे दिग्गज शेयरों में 7% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। ऑयल और गैस सेक्टर भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के डर से बुरी तरह पिसा।

पैनिक सेल या बाइंग मौका?

बाजार के जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में घबराहट में आकर शेयर बेचना (Panic Selling) सबसे बड़ी गलती हो सकती है। हमने इतिहास में देखा है कि युद्ध या वैश्विक संकटों का असर लंबे समय तक नहीं रहता। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अगर आपके पास अच्छी क्वालिटी के बैंकिंग या ऑटो स्टॉक्स हैं तो उन्हें होल्ड करें। बल्कि, अगर बाजार और गिरता है तो यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ब्लू-चिप कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदने का एक सुनहरा मौका भी हो सकता है।

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