IPS DM Awasthi मां काली और महाकाल के भक्त हैं डीएम अवस्थी, हर दिन करते हैं दर्शन, हर ऑफिस में रहती है महाकाल की छाया

Update: 2023-04-02 08:38 GMT

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IPS DM Awasthi : रायपुर । छत्तीसगढ़ के सीनियर मोस्ट आईपीएस डीएम अवस्थी 31 मार्च को रिटायर हो गए और इसी तारीख को उन्हें विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी भी अपॉइंट कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस नए पद का सृजन किया गया था। उसी समय ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि अवस्थी की नियुक्ति इस पद पर की जाएगी।


देश में सुपर कॉप के नाम से मशहूर आईपीएस जुलियो रिबैरो को फॉलो करने वाले अवस्थी अपने कामकाज के साथ एक और बात के लिए जाने-पहचाने जाते हैं और वह है मां काली और महाकाल के प्रति उनकी श्रद्धा। अवस्थी की पोस्टिंग जहां भी रही हो, वे सुबह आकाशवाणी चौक पर मां काली के दर्शन करना नहीं भूले। उज्जैन में एसपी के रूप में भी पोस्टिंग रही, इसलिए वे महाकाल के भी भक्त हैं। अपने दफ्तर में वे महाकाल की एक तस्वीर जरूर रखते हैं।

अवस्थी के करीबी बताते हैं कि मां काली और महाकाल का ही आशीर्वाद है कि वे लंबे समय तक किसी लूपलाइन की पोस्टिंग में नहीं रहे। जिस ऑफिस में रहे वहां पर अपने काम से नाम कमाया। अवस्थी के लिए वह दिन सबसे यादगार रहा जब सुपर कॉप रिबैरो ने कोरोना काल के डीजीपी अवस्थी के नेतृत्व में किए कार्यों की तारीफ की थी। इससे पहले पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी के रूप में उन्होंने 12 हजार से ज्यादा मकान बनाए। कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक प्राइवेट बिल्डरों की तरह अच्छे सुविधा युक्त मकान बनाए गए और पुलिसकर्मियों को दड़बे जैसे मकानों में रहने के दंश से बाहर निकाला।


अनुकंपा नियुक्ति की ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं:- किसी पुलिस कर्मी के निधन के बाद उनके परिजन को अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटकना न पड़े, इसलिए अवस्थी ने डीजीपी रहते हुए क्लर्क बाद अपने पास फाइल मंगाने लगे। जो भी पात्र थे, उन्हें तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने की व्यवस्था शुरू की। कोरोना काल के दौरान जब दफ्तर बंद थे, तब पुलिसकर्मियों और उनके परिवार की समस्याओं को सुनने के लिए उन्होंने वीडियो कॉल की सुविधा दी। संबंधित स्टाफ को अपने पास बैठाकर रखते थे, जिससे कोई भी शिकायत आए तो तुरंत डिटेल मिल जाए। दस साल से भी ज्यादा समय तक नक्सल क्षेत्र में पदस्थ पुलिसकर्मियों को तत्काल ट्रांसफर की सुविधा मिली तो अन्य किसी तरह की समस्या का भी तत्काल निराकरण होता था।

23 साल की उम्र में बन गए थे आईपीएस अफसर:- उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी में रूप में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे। इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया। छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए। छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला। दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।


सात साल इंटेलिजेंस में रहे:- डीएम अवस्थी देश के गिने-चुने आईपीएस अधिकारियों में शामिल होंगे, जो दो राज्यों में सात साल तक खुफिया विभाग में रहे। उनकी गिनती एक दमदार और दबंगई के साथ अपनी बात रखने वाले अधिकारी के रूप में होती है। रायपुर आईजी के साथ-साथ उनके पास इंटेलिजेंस चीफ का भी चार्ज रहा। तो उज्जैन जैसा बड़ा जिला भी उन्हें संभालने का मौका मिला। कमलनाथ के छिंदवाड़ा भी मध्यप्रदेश का बड़ा जिला माना जाता है। 1086 से लेकर 2023 तक याने 37 साल उन्होंने आईपीएस की सर्विस की। कल 31 मार्च की आईपीएस सेवा का आखिरी दिन होगा।

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