Zomato Scam : जोमैटो के साथ हो गया बड़ा खेल, ग्राहकों का ऐसा कारनामा देख CEO दीपेंद्र गोयल भी रह गए दंग, आप तो नहीं कर रहे ये गलती?

Zomato Scam : ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दुनिया में आजकल एक अजीबोगरीब जंग छिड़ी हुई है।

Update: 2026-01-05 11:33 GMT

Zomato Scam : जोमैटो के साथ हो गया बड़ा खेल, ग्राहकों का ऐसा कारनामा देख CEO दीपेंद्र गोयल भी रह गए दंग, आप तो नहीं कर रहे ये गलती?

Zomato AI Refund Fraud Deepender Goyal : नई दिल्ली : ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दुनिया में आजकल एक अजीबोगरीब जंग छिड़ी हुई है। एक तरफ जहाँ ग्राहक बेहतर सर्विस की उम्मीद करते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ शातिर ग्राहक फ्री में खाना पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रहे हैं। जोमैटो (Zomato) के फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे।

Zomato AI Refund Fraud Deepender Goyal : AI से मक्खी-मच्छर का जुगाड़ : रिफंड पाने का हाई-टेक तरीका दीपेंद्र गोयल ने बताया कि धोखाधड़ी अब केवल बहानेबाजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें हाई-टेक तकनीक की एंट्री हो चुकी है। कुछ शातिर ग्राहक खाने की फोटो खींचते हैं और फिर AI टूल्स का इस्तेमाल करके उसमें मक्खी, कीड़े, बाल या नाखून जैसी चीजें जोड़ देते हैं। ये फोटो इतनी सफाई से बनाई जाती हैं कि इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। इसके बाद ग्राहक खराब खाने की शिकायत कर पूरा रिफंड डकार जाते हैं।

पिचका हुआ केक और 5% की रहस्यमयी बढ़ोतरी

केक की डिलीवरी के दौरान शिकायतों में अचानक 5 प्रतिशत की उछाल देखी गई। जांच में पता चला कि ग्राहकों ने एक नया पैटर्न ढूंढ लिया है। ग्राहक सही-सलामत मिले केक की फोटो को AI के जरिए ऐसा एडिट करते हैं जैसे वह पूरी तरह से बर्बाद या स्मैश हो गया हो। कंपनी पहले बिना जांचे रिफंड दे देती थी, लेकिन अब डेटा एनालिसिस से पता चला है कि ये शिकायतें अक्सर जानबूझकर और तकनीक की मदद से की जा रही हैं।

5000 डिलीवरी पार्टनर्स पर गिरी गाज, राइडर्स भी पीछे नहीं

धोखाधड़ी का यह खेल केवल ग्राहकों की तरफ से ही नहीं, बल्कि डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से भी जारी है। दीपेंद्र गोयल ने स्वीकार किया कि हर महीने लगभग 5,000 डिलीवरी पार्टनर्स को धोखाधड़ी के चलते बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। इसमें ऑर्डर डिलीवर किए बिना ही ऐप पर 'Delivered' मार्क कर देना और खुद खाना रख लेना सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा कैश ऑन डिलीवरी (COD) में राइडर्स अक्सर चेंज नहीं है कहकर ग्राहकों से पूरे पैसे ले लेते हैं और बकाया वापस करने कभी नहीं लौटते।

कर्मा स्कोर से होगा असली-नकली का फैसला

इस सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए जोमैटो ने Karma Score सिस्टम लागू किया है। यह ठीक आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) की तरह काम करता है। अगर कोई ग्राहक बार-बार रिफंड मांगता है या उसकी फोटो संदिग्ध लगती है, तो उसका कर्मा स्कोर गिर जाएगा। कम कर्मा स्कोर वाले ग्राहकों की शिकायतों पर कंपनी आसानी से रिफंड नहीं देगी। यही नियम डिलीवरी पार्टनर्स पर भी लागू होता है ताकि ईमानदार कर्मचारियों और असली ग्राहकों के हितों की रक्षा की जा सके।

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