Land Scame: करोड़ाें की सरकारी जमीन का खेला: भूमाफिया के साथ मिलकर एक डिप्टी कलेक्टर ने किया खेला, कलेक्टर के निर्देश पर पट्टा निरस्त

Land Scame: छत्तीसगढ़ बनने के बाद राज्य में भूमाफियों के इशारे पर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अरबों की सरकारी जमीन को कूट रचना कर निजी जमीन में बदलने का काम वर्षों से करते चले आ रहे हैं। बिलासपुर में यह खेला लंबे समय से चल रहा है। हाल ही में सेंदरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। भू माफिया ने राजस्व विभाग के अफसरों ने शासकीय जमीन को कूटरचना कर निजी जमीन बना लिया। फिर उसे दूसरे बिल्डर को बेच दिया। कालोनी बनाने के लिए किसान के खेत के एक हिस्से को रातों-रात पाटकर सड़क भी बना ली। जानकारी के अनुसार माफिया को जिले के एक डिप्टी कलेक्टर का वरदहस्त प्राप्त था। डिप्टी कलेक्टर की शह पर बिल्डर ने किसान के खेत की खड़ी फसल पर एक्सीवेटर चला कर सड़क भी बना लिया था। कलेक्टर ने एसडीएम से जब मामले की जांच कराई तब बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कलेक्टर के निर्देश पर पट्टा निरस्त कर दिया है।

Update: 2025-03-25 16:04 GMT
Land Scame: करोड़ाें की सरकारी जमीन का खेला: भूमाफिया के साथ मिलकर एक डिप्टी कलेक्टर ने किया खेला, कलेक्टर के निर्देश पर पट्टा निरस्त
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Land Scame: बिलासपुर। बिलासपुर जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन और किसान की फसल पर रातों–रात मिट्टी पाट कर सड़क बनाने वाले बिल्डर पर बड़ी कार्यवाही की है। बिल्डर द्वारा काबिज जमीन के पट्टे को निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर ने बिलासपुर एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।

कोनी में पटवारी के खसरा नंबर 46 में किसान की फसल लगी कृषि भूमि पर बिल्डर ने रातों-रात मिट्टी पाटकर रास्ता बना दिया। किसान का आरोप है कि कृषि भूमि के बीच रास्ता कृषि प्रयोजन के लिए दी जानी थी। बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए तहसीलदार ने बिल्डर के पक्ष पर आदेश जारी कर दिया। जिस वक्त आदेश जारी हुआ उस वक्त खेत में फसल खड़ी थी। किसान के खेत और आसपास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर बिल्डर ने रातों-रात लगभग 100 ट्रक मिट्टी पटवाकर सड़क बना दी। किसान ने इसकी शिकायत कलेक्टर अवनीश शरण से की थी। कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। जिस पर एसडीएम बिलासपुर मनीष साहू ने जांच की और बिल्डर को मिले जमीन के पट्टे को अवैधानिक पाते हुए पट्टानिरस्त करने की सिफारिश की थी।

0 क्या है मामला

कोनी के पटवारी हल्का नंबर 46 के खसरा नंबर 1307/1 व खसरा नंबर 1308 के कुल रकबा 0.234 हेक्टेयर की जमीन राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार गेंदराम साहू पिता स्व. दुर्जन साहू व चिरौंजी बाई पति दुर्जन साहू के नाम दर्ज है। किसान की जमीन के पास ही अज्ञेय नगर निवासी सुभाषचंद्र मिश्रा पिता आरएस मिश्रा का खसरा नंबर 1309/3 और 1305/1 की जमीन है। सुभाषचंद्र मिश्रा जय गुरुदेव इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक फर्म का संचालन करते हैं। सुभाषचंद्र मिश्रा ने अपनी जमीन पर रास्ता दिए जाने हेतु तहसीलदार के न्यायालय में प्रकरण लगाया था। तहसीलदार के आदेश पर पटवारी ने रिपोर्ट दी कि किसान गेंदराम साहू अपनी जमीन के अतिरिक्त खसरा नंबर 1309/1 की 0.40 एकड़ सरकारी जमीन पर काबिज है। रिकॉर्ड के अनुसार यह रास्ते की जमीन है। तहसीलदार ने किसान को सरकारी जमीन से कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। ऐसा नहीं करने पर बलपूर्वक जमीन खाली करवाने की चेतावनी दी थी। बिल्डर ने बिना किसान को सूचना दिए रातों-रात खड़ी फसल पर मिट्टी पटवा दी। इसके अलावा सरकारी जमीन पर भी मिट्टी पटवा दी।

0 जांच रिपोर्ट में यह सब

एसडीएम मनीष साहू की जांच रिपोर्ट में सेंदरी पटवारी हल्का नंबर 46 स्थित भूमि खसरा नंबर 1309 रकबा 7.57 एकड़ भूमि मिसल बंदोबस्त के अनुसार घास मद में दर्ज है। अधिकार अभिलेख उक्त खसरा के दो बटांकन खसरा नंबर 1309/1 रकबा 4.27 एकड़ रघुवीर सिंह आदि के नाम दर्ज थी। निस्तार पत्रक में खसरा नंबर 1309/1 रकबा 4.27 एकड़ भूमि चराई मद में दर्ज है। अनावेदक ईश्वर पिता कुंजराम ने अपने बयान में बताया है कि शासन से उसे कोई पट्टा प्राप्त नहीं हुआ है। उक्त भूमि पर उनका कब्जा था,जिसे उसने राजेश अग्रवाल पिता बजरंग अग्रवाल को पांच लाख रुपए में विक्रय किया था।

राजेश अग्रवाल और सुभाषचंद्र मिश्रा ने अपने संयुक्त जवाब में बताया है कि 1309/3 रकबा एक एकड़ भूमि को कलेक्टर बिलासपुर से 4 फरवरी 2009 को विक्रय के लिए आदेश प्राप्त कर ईश्वर पिता कुंजराम से खरीदा है। खास बात यह है कि प्रकरण में प्रस्तुत बैनामा 23/4/2009 में खसरा नंबर ,1309/9 रकबा एक एकड़ भूमि को राजेश अग्रवाल पिता बजरंग अग्रवाल ने कुंजराम से क्रय किया है। जबकि खसरा नंबर 1309/9 राजस्व अभिलेखों में दर्ज ही नहीं है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि न्यायालय कलेक्टर बिलासपुर के 4 फरवरी 2009 के आदेश का अवलोकन किया गया। राजस्व प्रकरण में ईश्वर पिता कुंज राम के नाम जारी पट्टा संलग्न नहीं है न ही निस्तार पत्रक से खसरा नंबर 1309/ 1 रकबा 4.27 एकड़ भूमि चराई मद में दर्ज है।

0 मध्यप्रदेश सरकार के नाम पर दर्ज है जमीन

खसरा पंचशाला वर्ष 1994–95 में खसरा नंबर 1309/1 रकबा

4.27 एकड़ भूमि मध्यप्रदेश शासन के नाम पर दर्ज था। जिसे कूटरचना कर 2. 27 एकड़ बनाया गया है तथा ख.नं. 1309/3 रकबा 1.00 एकड़ भूमि ईश्वर पिता कुंजराम के नाम पर अविधिक रूप से इन्द्राज किया जाना प्रतीत होता है।

प्रकरण में संलग्न दस्तावेजों से यह प्रमाणित होता है कि मौजा सेंदरी प.ह.नं. 46 तहसील बिलासपुर स्थित भूमि ख. नं. 1309/9 रकबा 1.00 एकड़ भूमि ईश्वर पिता कुंजराम द्वारा राजेश पिता बजरंग अग्रवाल को विक्रय किया गया है, जबकि ईश्वर पिता कुंजराम के नाम पर ख.नं. 1309/3 रकबा 1.00 एकड़ भूमि अवैध रूप से दर्ज था। अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर के रा.प्र.क्र. 56/अ-74/2008-09 में ईश्वर पिता कुंजराम के नाम पर जारी पट्टा संलग्न नही है। निस्तार पत्रक में ईश्वर पिता कुंजराम को पट्टा प्रदाय करने संबंधि आदेश इन्द्राज नही है और न ही ख.नं. 1309/1 से कोई रकबा पृथक किया गया है। अतः अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर के रा.प्र.क्र. 56/अ-74/2008-09 आदेश दिनांक 04.02.2009 में जारी अनुमति पत्र स्वमेव निरस्त है।

0 शासन के खाते में जमीन किया गया सम्मिलित

ख.नं. 1309/3 रकबा 1.00 एकड को विलोपित करते हुये, ख.नं. 1309/1 रकबा 4. 27 एकड़ भूमि छ०ग० शासन के नाम पर दर्ज किये जाने का आदेश प्रकरण की जांच के बाद एसडीएम मनीष साहू ने कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देशानुसार किए हैं। प्रशासन के इस आदेश से भू माफियाओं और दूसरों की जमीनों पर बलपूर्वक कब्जा करने वाले बिल्डरों में हड़कंप मच गया है।


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