BMC Election Update : BMC चुनाव में स्याही पर संग्राम : ठाकरे भाइयों ने लगाया मिटने वाली स्याही का आरोप, CM फडणवीस बोले- हार के डर से कर रहे हंगामा, पढ़े पूरी खबर
BMC Election Update : मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग अभी जारी है लेकिन इस बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है, यह विवाद किसी नीति या वादे को लेकर नहीं, बल्कि मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली अमिट स्याही को लेकर है
BMC Election Update : BMC चुनाव में स्याही पर संग्राम : ठाकरे भाइयों ने लगाया मिटने वाली स्याही का आरोप, CM फडणवीस बोले- हार के डर से कर रहे हंगामा, पढ़े पूरी खबर
BMC Election Ink Controversy : मुंबई : मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग अभी जारी है लेकिन इस बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है, यह विवाद किसी नीति या वादे को लेकर नहीं, बल्कि मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली अमिट स्याही को लेकर है शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे पार्टी के प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया है की इस बार चुनाव में ऐसी स्याही का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे आसानी से मिटाया जा सकता है, ठाकरे भाइयों के इस आरोप ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है, और चुनाव आयोग से लेकर सीएम सभी को सफाई देने मैदान में उतर आये है
BMC Election Ink Controversy : ठाकरे ब्रदर्स का आरोप स्याही है या मजाक
उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख कर चुनाव आयोग और महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा की वोट डालने के बाद जो स्याही लगाई जा रही है, वह सैनिटाइजर या नेल पॉलिश रिमूवर से तुरंत मिट जा रही है, उद्धव ठाकरे ने कहा ये सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत हैं, उन्होंने तंज कसते हुए सवाल पूछा की क्या चुनाव आयोग ने स्याही मिटाने के लिए कोई सैनिटाइजर एजेंसी हायर की है उन्होंने चुनाव आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा की यह जो हरकत है वो निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ है
और वही, राज ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा, उन्होंने कहा की पहले जो स्याही की शीशी इस्तेमाल होती थी, उसकी जगह अब मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी क्वालिटी बेहद खराब है, राज ठाकरे ने यहाँ तक कहा की लोग स्याही मिटाकर दोबारा वोट डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया की एक व्यक्ति को दो बार वोट डालते हुए पकड़ा भी गया है, उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा की वो मतदान केंद्रों पर सतर्क रहें क्योंकि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है
चुनाव आयोग की सफाई
इस विवाद को बढ़ता देख महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने आधिकारिक बयान जारी कर मामले को स्पस्ट किया आयोग ने कहा की स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का उपयोग कोई नई बात नहीं है, आयोग के मुताबिक, 19 नवंबर और 28 नवंबर 2011 को ही स्थानीय निकाय चुनावों में मार्कर पेन के इस्तेमाल का आदेश जारी किया गया था, तब से लेकर अब तक के सभी स्थानीय चुनावों में इसी मार्कर पेन का यूज़ किया जा रहा है, आयोग ने कहा की मतदान पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश नहीं है
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का पलटवार
सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के इन आरोपों को ख़ारिज किया, मुख्यमंत्री फडणवीस ने खुद अपनी उंगली का निशान दिखाते हुए कहा, मैंने भी वोट दिया है और मुझे भी मार्कर से ही निशान लगाया गया है, क्या यह मिट रहा है, उन्होंने आगे कहा की अगर विपक्ष को इतनी ही दिक्कत है तो आयोग चाहे तो ऑयल पेंट का इस्तेमाल कर ले, लेकिन हर छोटी बात पर हंगामा करना या सवाल उठाना गलत है
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा की उन्होंने खुद चुनाव आयोग के अधिकारियों से इस संबंध में बात की है, शिंदे ने बताया की यह वही स्याही है जो सालों से इस्तेमाल हो रही है, उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा की हार के डर से विपक्षी दल अब स्याही जैसे बिना सिर पैर के मुद्दों का सहारा ले रहे हैं, सरकार राज्य में फ्री और फेयर चुनाव कराने के लिए है और प्रशासन ने फर्जी वोटिंग रोकने के लिए पूरी सावधानी बरती है
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस विवाद को हवा तब मिली जब एक कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक मतदाता अपनी उंगली पर लगी स्याही को आसानी से मिटाते हुए दिख रहा था, इस वीडियो के वायरल होने के बाद ही उद्धव और राज ठाकरे ने मोर्चा खोला, फिलहाल, मुंबई की राजनीति में यह स्याही युद्ध चर्चा का विषय बना हुआ है