31 लाख लूट का केस 15 घंटे में सुलझा : कैशियर ही निकला कंपनी में लूट का मास्टर माइंड…. लूट की रकम भी हुई बरामद…. कल भी ऐसा ही केस पुलिस ने 6 घंटे में सुलझाया था

कोरबा 4 अक्टूबर 2020। कोरबा पुलिस ने एक बार फिर लूट की सनसनीखेज वारदात को घटना के 15 घंटे के भीतर सुलझाने में सफलता हासिल की है। लूट की इस वारदात को किसी शातिर अपराधी ने नही बल्कि कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी के असिस्टेन्ट कैशियर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी असिस्टेन्ट कैशियर से साढ़े 10 लाख रुपये भी जप्त किये है। गौरतलब है कि दीपका थाना क्षेत्र में स्थित सैनिक माइनिंग कोल् ट्रांसपोर्ट कंपनी के दफ्तर में शनिवार की रात नकाबपोश अपराधियो ने गार्ड को बंधक बनाकर 31 लाख रुपये की लूट कर फरार हो गए थे।

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घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा एस.पी अभिषेक मीणा ने मौके पर पहुँचकर मामले की तफ्तीश की थी। बंधक बने गार्ड से पूछताछ के बाद इस पूरे घटनाक्रम में लोकल इनवालमेंट की बात सामने आ रही थी। लिहाजा इस सनसनीखेज लूट की कमान खुद एस.पी.अभिषेक मीणा ने अपने हाथों में रखी और घटना से जुड़ी कड़ियों को पुलिस टीम ने पिरोना शुरु किया। गार्ड और आफिस स्टाफ से पूछताछ शुरू करने के 15 घंटे के भीतर ही सारे घटनाक्रम से पर्दा हट गया। बंधक बनाकर लाखो रुपये की लूट की इस वारदात में पुलिस ने सैनिक माइनिंग के असिस्टेंट कैशियर जे.एल.प्रसाद को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

सख्ती से पूछताछ करने पर संदेही कैशियर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लूट के साढ़े 10 लाख रुपये जप्त किये है, जबकि इस वारदात में शामिल आरोपी के बाकी साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस रकम बरामद करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस हिरासत में लिया गया लूट का आरोपी जे.एल.प्रसाद सैनिक कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी में पिछले 20 साल से कार्यरत था। कोरबा एस.पी.अभिषेक मीणा ने बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने की बात कही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही एक युवक ने अपने मौसेरे भाई के 95 हज़ार रुपये मिलने के बाद उसे लूट की घटना बताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था,लेकिन इस मामले में भी पुलिस ने 6 घंटे के भीतर हक़ीक़त सामने लाकर प्रार्थी बने युवक को गिरफ्तार कर लिया था।

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