ईमानदारी से काम करने से मिली सफलता स्थायी होती है, कर्म कीजिए, फल की इच्छा भी मगर फल के स्वरूप की अपेक्षा मत कीजिए-प्रो0 चक्रवाल
राष्ट्र के लिए समर्पण, गहरे नैतिक मूल्य, संयमित जीवनशैली और सीमित आवश्यकताओं से हम जीवन में समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी आवश्यकताएं सीमित हैं ऐसे में हमें सभी प्रलोभनों से बचना चाहिए।

बिलासपुर, 27 अक्टूबर 2021। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने सतर्कता जागरुकता सप्ताह पर सभी को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत महापुरुषों की धरती है जहां राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे सपूतों ने जन्म लिया।
विश्वविद्यालय में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर तक ''स्वतंत्र भारत/75ः सत्यनिष्ठता से आत्मनिर्भरता'' थीम पर सतर्कता जागरुकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
इस मौके पर प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने सभी उपस्थित सदस्यों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ईमानदार कार्यशैली से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कर्म करते रहिए, फल की इच्छा भी कीजिए लेकिन फल के स्वरूप की अपेक्षा मत रखिए। राष्ट्र के लिए समर्पण, गहरे नैतिक मूल्य, संयमित जीवनशैली और सीमित आवश्यकताओं से हम जीवन में समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी आवश्यकताएं सीमित हैं ऐसे में हमें सभी प्रलोभनों से बचना चाहिए।
विश्वविद्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रो. मुकेश कुमार सिंह ने शपथ कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि सतर्कता जागरुकता सप्ताह का आयोजन लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आयोजित होता है। हम सभी को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि रखते हुए सरदार पटेल के सिद्धांतों एवं आदर्शों का जीवन में पालन करना चाहिए। शपथ कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
शपथ कार्यक्रम में विद्यापीठों के अधिष्ठाता, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। विभागीय स्तर पर विभागाध्यक्षों द्वारा सत्यनिष्ठा की शपथ का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में कोविड-19 की सुरक्षा एवं बचाव से जुड़े भारत सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
