IAS दंपति के कामों को जानकर आप भी करेंगे गर्व, शहर के एक भी शख्स को नहीं सोने देते भूखा…

 

गोरखपुर 11 अप्रैल 2020  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में कोरोना वायरस को लेकर पुलिस प्रशासन बहुत ही सख्त है। यहां लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सख्ती से पुलिस पहरा दे रही है। ऐसे में कई लोगों की रोजी रोटी भी बंद हो गई है। इनके लिए गोरखपुर में एक आईएएस दंपती मसीहा बनकर सामने आया है। ये दोनों लोग ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक है।

मनमानी कीमत पर तारामंडल स्थित लक्ष्मी सुपर बाजार मार्ट सीज करने के साथ ही कुछ किराना दुकानदारों पर कार्रवाई की, ताकि दूसरों के बीच यह संदेश जा सके कि कालाबाजारी और मनमानी कीमत वसूली तो गर्दन नपनी तय है। नेपाल क्लब में कम्यूनिटी किचन के अलावा खुद अपने प्रयास से सदर तहसील परिसर में कम्यूनिटी किचन का संचालन शुरू किया जहां से रोजाना दोनों टाइम 1500 लोगों को खाना पहुंचाया जा रहा है।

एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक ने स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर तहसील क्षेत्र के हर गरीब तक खाने के पैकेट और खाद्यान्न सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। सतर्कता के साथ अपने तहसील क्षेत्र में बाहर से आए सभी लोगों को समय पर क्वारंटीन कराया। सुबह-शाम हाईवे पर पेट्रोलिंग के साथ ही रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई गरीब बिना खाए-पीए तो नहीं है।

किराना की दुकानों के साथ ही कोटे की दुकानों का भी लगातार निरीक्षण करती हैं, ताकि राशन वितरण में गड़बड़ी रोकी जा सके। कई पर कार्रवाई भी कर चुकी हैं। गीडा के उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करा रही हैं। जरूरी सामानों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां सुचारू रूप से संचालित हो सके, यह भी सुनिश्चित करा रही हैं। हाल ही में सरकार की पहल पर जब दूसरे राज्यों में फंसे गरीबों ने गोरखपुर लौटना शुरू किए तो उन्हें रास्ते में ही भोजन, दवा आदि का इंतजाम करने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई।

किराना की दुकानों के साथ ही कोटे की दुकानों का भी निरीक्षण करती हैं, जिससे राशन वितरण में गड़बड़ी रोकी जा सके। कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई भी कर चुकी हैं। गीडा के उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण भी करा रही हैं। जरूरी सामानों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां सुचारू रूप से संचालित हो सके, यह भी सुनिश्चित इनकी निगरानी रहती हैं। हाल ही में सरकार की पहल पर जब दूसरे राज्यों में फंसे गरीबों ने गोरखपुर लौटना शुरू किया तो उन्हें रास्ते में ही भोजन, दवा आदि का इंतजाम करने में इन लोगों ने अहम भूमिका निभाई।

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