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रायपुर 6 फरवरी 2019। बालको मेडिकल सेंटर, नवा रायपुर के ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन विभाग के ब्लड बैंक एवं इम्यूनोहेमाटोलॉजि पर आधारित हैंड्सऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमे विभिन्न ब्लड बैंक के लगभग 70 डॉक्टरों , मेडिसिन इंचार्ज व टेक्नोलॉजिस्ट ने हिस्सा लिया । इसमें रोजमर्रा की प्रेक्टिस में आने वाली समस्याओं पर व्याखान हुए कि कैसे हम बार –बार खून चढ़ाने वाले मरीजों को सही तरीके से व सेफ ट्रांसफ्यूज़न दे सकते है।
इसकी जानकारी देते हुये डॉ नीलेश जैन, कंसलटेंट एंड एच.औ.डी ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन, बालको मेडिकल सेंटर , जिन्होंने इस कार्यशाला का आयोजन किया ने हमे बताया कि इस तरह की कार्यशाला का हमारी रूटीन प्रेक्टिस में बड़ा महत्व है। हमारे पास कई इसे मरीज आते है जिन्हें बार –बार ब्लड ट्रांसफ्यूज़न की जरूरत पड़ती है, और इसी के चलते उनको “मैचएड ब्लड” नहीं मिल पता है। विशेष रूप से थालेसेमिया ,सिकल सेल अनेमिया एवं ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीज , जिनमे इस प्रकार की समस्या ज्यादा पायी जाती है व उनके ट्रांसफ्यूज़न में भी कई प्रकार की समस्या आती है। इस प्रकार की कार्यशालाओं से हम काफी हद तक यह सुनिश्चित कर सकते है कि इन सभी मरीजों को ब्लड सम्बंधित समस्याएं न हो।

इस कार्यशाला में जाने –माने अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया जिसमे डॉ संकल्प शर्मा,एसोसिएट प्रोफेसर एंड एचऔडी ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन विभाग (एम्स रायपुर) , डॉ नंदकिशोर एच.औ.डी ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन विभाग (यसोदा हॉस्पिटल ,हैदराबाद) एवं डॉ. सागर चैटर्जी (ओर्थो-क्लीनिकल डायग्नोस्टिक,कोलकत्ता) ने अपने –अपने व्याखान प्रस्तुत किये | कार्यशाला में आये सभी प्रतिनिधियों ने भी बड-चढ़ के हिस्सा लिया व हैंड्स ऑन प्रेक्टिस की |
एसएन राठोड़ (ड्रग्स कंट्रोलर ,छ.ग) एवं हिरेन पटेल (लाइसेंसिंग ऑथोरिटी,छ.ग) एवं डॉ एसएस चौहान कंसलटेंट एवं एचऔडी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (बालको मेडिकल सेंटर) के इस कार्यक्रम मुख्य अतिथि की रूप में शामिल रहे |
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