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काम की खबर: बिना हॉलमार्क के गहनों की नहीं होगी बिक्री, सरकार ने बनाया नया नियम, जानें…

नईदिल्ली 16 जून 2021. सोने की खरीद में हॉलमार्क शुद्धता की गारंटी है यही वजह है कि सरकार ने आज से सोने की बिक्री को लेकर हॉलमार्क को जरूरी बना दिया है. हॉलमार्क कीमती धातु की वस्तुओं पर पाया जाने वाला एक आधिकारिक स्टांप है जो धातु की संरचना और इसकी शुद्धता के बारे में जानकारी देता है. हॉलमार्क में गहनों के निर्माता और मूल के बारे में बहुमूल्य जानकारी भी शामिल होती है. हॉलमार्क दो तरह का होता है-एक जो गहने की क्वालिटी और उसकी शुद्धता के बारे में बताता है और दूसरा वह जो गहने के निर्माता और उसके मूल के बारे में बताता है.

हॉलमार्क तभी संपूर्ण माना जायेगा जब उसमें गहने की क्वालिटी और निर्माता के बारे में पूर्ण जानकारी हो. हॉलमार्क गहनों में शुद्धता का प्रतिशत इस प्रकार होता है. 22K916 (91.6% शुद्धता), 18K750 (75% शुद्धता ) और 14K585 (58.5% शुद्धता). पहले सोने की बिक्री में हॉलमार्क अॅाप्शनल था लेकिन अब हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया गया है. ब्यूरो अॅाफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस ज्वेलर्स को लाइसेंस देता है जिसके जरिये वे बीआईएस से मान्यता प्राप्त सेंटर से अपनी ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग करवा सकते हैं.

गहनों पर हॉलमार्क जरूरी किये जाने के बाद ग्राहकों में खुशी है क्योंकि उन्हें यह भरोसा मिल गया है कि वे अब शुद्ध सोना खरीद सकेंगे. वहीं दुकानदारों का कहना है कि हम सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार को हमें समय देना चाहिए ताकि हम बिना हॉलमार्क वाले गहनों को भी बेच सकें.

 

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