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Women’s Day Special: कभी कंधे पर रख के बेचती थी ये महिला समूह सामान…अब लेती है ऑनलाइन ऑर्डर…

Women’s Day Special: कभी कंधे पर रख के बेचती थी ये महिला समूह सामान…अब लेती है ऑनलाइन ऑर्डर…
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By NPG News

धमतरी 8 मार्च 2020 जिले के मगरलोड ब्लाक के भेंड्री में जय माॅ गायत्री स्व सहायता समूह हर महीने बेच रही साढे चार लाख का सामान….
अपने खेत में काम करने वाली महिलाओं का समूह आज सक्षम होते हुए हर महीने 4 से 8 हजार रूपए का इनकम ले रही। पहले इन महिलाओं ने जय माॅ गायत्री स्व सहायता समूह बनाया। शुरू में सरकारी भवन, छात्रावास सहित अन्य स्थानाें में कंधे पर सामान रख सेलिंग के लिए निकलते थे। तीन महीने पहले बिहान योजना से 2 लाख रूपए का लोन लिया। आज हर महीने ये साढ़े चार लाख रूपए का सामान बेच रही हैं। आर्डर लेने कही नहीं ने जाकर घर बैठे मोबाईल से ही संचालन कर रही हैं। इसमें जय मॉ गायत्री स्व सहायता समूह के अलावा गांव की चार अन्य समूहों का भी सहयोग मिल रहा है।
इस समूह की खास बात यह है कि ये अधिकांश सामान खुद तैयार करती हैं। हैंडवाश से लेकर साबून, फिनायल, पापड़, व्यंजनों में ठेठरी, खुरमी, कुसली, चावल के पापड़, सहित अन्य छत्तीसगढ़ी व्यंजन बना रही हैं। जिले के 62 छात्रावासों में महिलाएं किराना सामान सहित अन्य जरूरत के सामान भेज रही हैं। एक छात्रावास में 5 से 10 हजार रूपए का सामान सप्लाई कर रही हैं। समूह के अनुसार यदि महीने में एक समूह में 7 हजार रूपए का भी सामान जा रहा है,तो हर महीने 4.43 लाख रूपए का सामान जा रहा।
मार्केट से 10 रूपए कम पर बेचती हैं
अध्यक्ष सुनीती साहू, उपाध्यक्ष हेमलता देवांगन आदि ने बताया कि उनके समूह में 40 महिलाएं हैं। वे मार्केट रेट से 10 रूपए कम दर पर सामान बेचती हैं। ज्यादातर सामान वे हाथ से बनाती हैं। जाे सामान नहीं रहता उसे मार्केट से मंगवाकर पूर्ति करते हैं। पिछले महीने स्कूली बच्चों का कंडेल में कार्यक्रम हुआ था, वहां 40 हजार रूपए का सामान बेचे थे। इसी तरह नगरी में दीदी मड़ई मे 10 हजार रूपए की बिक्री किए थे। दोनों जगह 10 से 15 हजार रूपए की कमाई हुई। पहले वे घर के पुरूष वर्ग पर ही आश्रित थे। अब घर के प्रमुख खर्च वे चला रही। आर्थिक रूप से सक्षम हो रही। यदि समूक का काम इसी तरह चला,तो एक साल में एक एक सदस्य का लाभांश 20 से 25 हजार रूपए तक पहुंच जाएगा।
साबुन, फर्श क्लीनर सहित बैटरी का डिस्टिल्लड वाटर भी बना रही
समूह अचार से लेकर गोबर के दिए, गमले, वाशिंग पाउडर, हैंडवाश, फिनायल, फर्श क्लीनर, नहाने का साबुन, मोमबत्ती, हार्पिक, बैटरी में डालने वाला डिस्टिल्लड वाटर आदि का निर्माण खुद करती हैं। कच्चे सामान की खरीदी रायपुर से करती हैं। जिले के हर बडे पंचायत में अब बिहान बाजार का निर्माण होना होना है। यहां सारा सामान सप्लाई की जाएगी। अभी तक खुले 35 बिहान बाजार में ये सप्लाई कर रही हैं।
मंदिर, सरकारी आयोजनों के फूल से बना रही सुगंधित गुलाल
जिले की यह पहली समूह हैं जहां की महिलाएं सरकारी आयोजनों में उपयोग के बाद बचे फूल को लाकर गुलाल तैयारी करती हैं। इसके अलावा मंदिरों से भी फूल की व्यवस्था कर गुलाल बना रही है। यह काम इसी महीने से शुरू किया है। वर्तमान में राजिम मेला से मिले गेंदे के फूल से सुगंधित गुलाल बना रही हैं। समूह की हेमलता, डामेश्वरी यादव, योगेश्वरी साहू, रेखा साहू, फूलबासन, मोंगरा यादव, झारना यादव ने बताया कि पहले वे वेस्टेज फूल को बारिक तोड़ लेती है। फिर इसे पीसकर मिक्सर में पीसती हैं। हल्का सा कलर और सेंट डालकर फिर तैयार गुलाल का पैकेट बनाती हैं। एक पैकेट में 50 ग्राम भर्ती कर इसे 20 से 30 रूपए पर बेच रहे हैं….

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