महिला शिक्षकों की लगा दी दुल्हनों को सजाने की ड्यूटी…..मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दुल्हन सजाने में महिला स्टाफ की डयूटी लगाने का डीएम ने दिया था आदेश, सस्पेंड हुए बीईओ…. सोशल मीडिया में जमकर मचा बवाल

सिद्धार्थनगर(यूपी) 30 जनवरी 2020। वाकई में यूपी अजब है !…कहीं इंजीनियरों को सांड बांधने की ड्यूटी में लगा दी जाती है….तो कहीं महिला शिक्षकों को दुल्हनों के मेकअप का काम दे दिया जाता है। अब महिला शिक्षकों को दुल्हन सजाने की मिली ड्यूटी के बाद जमकर बवाल मचा है। खबर है कि कलेक्टर के निर्देश के बाद नौगढ़ विकासखंड के BEO ने महिला शिक्षिकाओं दुल्हनों को सजाने और मंडप तक पहुंचाने की ड्यूटी लगा दी। पूरा मामला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का है। सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना होना था, जिसके लिए कलेक्टर दीपक मीणा ने अलग-अलग विभागों को ड्यूटी दी थी। सिद्धार्थनगर में सामूहिक विवाह समारोह में शिक्षिकाओं को दुल्हन सजाने के लिए तैनात करने का आदेश तो डीएम दीपक मीणा ने दिया था, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने उन्हीं डीएम की रिपोर्ट पर नौगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव कुमार बलि को बकरा बनाकर निलंबित किया था।

25 जनवरी को कलेक्टर की तरफ से जारी आदेश के छठे नंबर पर बीईओ को निर्देशित किया गया था कि वो अपने विभाग की महिला स्टाफ की ड्यूटी दुल्हनों को सजाने और उन्हें मंडप में बैठाने में लगायें। आदेश में महिला स्टाफ लिखा था, जिसके बाद बीईओ ने आदेश जारी कर महिला शिक्षिकाओं की ही ड्यूटी लड़कियों के मेकअप में लगा दी। इधर आदेश वायरल हुआ तो बवाल मच गया, जिसके बाद शिक्षा अधिकारी ने तत्काल आदेश को रद्द कर कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। आदेश के क्रम संख्या 7 पर हेल्प डेस्क और 20 स्वयं सेवकों की तैनाती करने और क्रम संख्या 9 पर बीएसए को विवाह गीत, लोक गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था करने के निर्देश थे।

सामूहिक विवाह में दुल्हन सजाएंगी शिक्षिकाएं

नौगढ़ विकासखंड के बीईओ ने कलेक्टर के निर्देश के बाद 27 जनवरी को आदेश कर 20 महिला शिक्षिकाओं की ड्यूटी दुल्हनों के सजाने के लिए लगा दी। हालांकि कलेक्टर की इस मामले में अलग दलील है। कलेक्टर एक अखबार से बातचीत में बताया कि उन्होंने अफसरों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी थी। बीईओ को कहा गया था कि महिला स्टाफ के समन्वय से दुल्हनों को सजाया जाये, इऩ अधिकारियों ने उस आदेश को अलग-अलग अंदाज में लेते हुए महिला टीचरों की ही ड्यूटी मेकअप में लगा दी। जबकि महिला स्टाफ से कहीं भी इसका मतलब टीचर से नहीं था।

 

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