श्रीमंत सिंधिया क्यों हुए नाराज.. याद आई CM कमलनाथ की बात -“उतर जाएं सड़क पर.. कौन रोका है” कांग्रेस की होली बदरंग.. भाजपा में धमाकेदार होली

रायपुर,10 मार्च 2020। क़रीब आठ महिने पुरानी बात होगी, मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर हैंडल पर अपना परिचय बदल दिया था।उन्होंने कांग्रेस से जुड़ा परिचय हटाया जिसमें उनका पदनाम था और उसकी जगह लिख दिया

“PUBLIC SERVANT”

याने जनता का सेवक और उसके बाद उन्होंने क्रिकेट का शब्द जोड़ा। मध्य प्रदेश की राजनीति में श्रीमंत का मतलब है कि,गुना ग्वालियर भिंड इलाक़े में निर्णायक चेहरा। श्रीमंत का मतलब है उनकी कहीं बात पत्थर की लकीर.. उनके समर्थकों के लिए श्रीमंत का मतलब भगवान है।
सरल विनम्र और सहज ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के किस कदर मज़बूत दावेदार रहे थे वह इस बात से समझा जा सकता है कि राहुल गांधी ने कमलनाथ और ज्योतिरादित्य के साथ तस्वीर को ट्विट किया और लिखा –

“सब्र और समय”

सब्र शब्द श्रीमंत ज्योतिरादित्य के लिए लिखा गया माना था।जबकि समय कमलनाथ के लिए लिखा माना गया है।
शुरु से ही करीबी अंतर के साथ विधानसभा में मौजुद कांग्रेस और भाजपा के बीच कसरत चलती रही थी, और जैसे जैसे वक्त गुजरता गया कांग्रेस के भीतरखाने घमासान तेज होता गया। भाजपा मौन किनारे तमाशे देखती रही।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक जिनमें से कुछ मंत्री भी बने उन्हें इस बात की पीड़ा रही कि, काम नहीं हो पा रहे और इससे भी ज़्यादा दर्द इस बात का कि, उनके श्रीमंत को नज़रअंदाज़ करने की गंभीर कोशिशें हो रही हैं।
CM कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बयानों में भी पेंच समझ आने लगा था। पर जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा

“वायदे पूरे नहीं हुए तो सड़क पर उतरुंगा”

इस पर CM कमलनाथ की ओर से जवाब ने मसले को और उलझा दिया

“उतर जाएँ सड़क पर.. रोका किसने हैं”

ट्विटर पर ही कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के एनडीए के फ़ैसले का स्वागत करने वाले श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया से इस पर सवाल करने की हिम्मत किसी की नहीं हुई कि वह इस मसले पर कांग्रेस के स्टैंड के ख़िलाफ़ क्यों जा रहे हैं।
अब से कुछ देर पहले ज्योतिरादित्य लैंड रोवर चलाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे और क़रीब पौन घंटे बाद अमित शाह के साथ उनकी गाड़ी से रवाना हो गए।
इस का असर भोपाल में यह हुआ है कि भाजपा कार्यालय में होली धमाकेदार है, कार्यकर्ता थिरक रहे हैं और कांग्रेस की सरकार होली की मस्ती से दूर आपात बैठक कर रही है।

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