कौन हैं IAS प्रवीण कुमार?…जो मीडिया और राजनीतिक दलों के निशाने पर है…..हाथरस केस को लेकर क्या है इन अफसर पर आरोप

लखनऊ 5 अक्टूबर 2020। हाथरस गैंगरेप मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है। इस बीच राज्य सरकार ने प्रथम दृष्टिया दोष के आधार पर  हाथरस के एसपी को पद से हटा दिया है, लेकिन कलेक्टर प्रवीण कुमार पर अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। प्रवीण कुमार इस घटना को लेकर शुरू से ही परिवार और राजनीतिक दलों के साथ-साथ मीडिया के निशाने पर हैं। कलेक्टर प्रवीण कुमार पर आरोप है कि उन्होंने ही आधी रात को शव जलाने का आदेश दिया था, साथ ही परिवार पर बयान बदलने का दवाब बनाने का आरोप भी उनपर लगा था। आइये जानते हैं कौन हैं कलेक्टर प्रवीण कुमार जो लगातार आरोपों से घिरे हैं।

कलेक्टर प्रवीण कुमार राजस्थान के जयपुर से हैं. उन्होंने एमए हिस्ट्री से अपनी पढ़ाई पूरी की है. प्रवीण कुमार 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं. हाथरस डीएम प्रवीण कुमार 2013 में रायबरेली में ट्रेनी आईएएस के रूप में तैनात हुए थे.सात अगस्त 2014 में अलीगढ़ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में उनकी पहली तैनाती हुई थी. 21 अप्रैल 2016 में सीडीओ ललितपुर, 17 अप्रैल 2018 में विशेष सचिव पंचायती राज और 2 मार्च 2019 से जिलाधिकारी हाथरस में तैनात हैं. हालांकि प्रवीण कुमार का विवादों से पुराना नाता नहीं रहा है.

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आपको बता दें कि डीएम प्रवीण कुमार ने पीड़ित परिवार से कहा था कि आप अपनी विश्वसनीयता खत्म मत करिए. मीडिया वाले चले जाएंगे. हम ही आप के साथ खड़े हैं. अब आपको बार-बार बयान बदलना है कि नहीं, कहीं हम भी न बदल जाएं.गौरतलब है कि हाथरस दुष्कर्म मामले में विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब पीड़िता की मौत की बाद पुलिस सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. यही नहीं, परिजनों को शामिल होने से रोका गया. इसके बाद पीड़ित परिवार ने मीडिया में अपनी बातें कही, जिससे साफ हो गया है कि पुलिस ने आनन फानन में अंतिम संस्कार किया है.

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